LG Electronics India : एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को वस्तु एवं सेवा कर (GST) मामले में बड़ी राहत मिली है। वित्त वर्ष 2021-22 से जुड़े 116.72 करोड़ रुपये के प्रस्तावित जीएसटी, ब्याज और जुर्माने की मांग को जीएसटी विभाग ने खारिज कर दिया है।
LG Electronics India : कंपनी ने गुरुवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि संयुक्त आयुक्त, जीएसटी कॉर्पोरेट सर्किल-2, ग्रेटर नोएडा ने 1 जुलाई 2026 को जारी आदेश में इस मामले का निपटारा कंपनी के पक्ष में करते हुए पूरी प्रस्तावित कर मांग और दंड को निरस्त कर दिया।
कंपनी के अनुसार विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कुल 116.72 करोड़ रुपये की मांग की गई थी. इसमें 58.36 करोड़ रुपये का मूल कर (टैक्स) और इतनी ही राशि का जुर्माना शामिल था.
यह नोटिस 26 मई 2026 को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम, 2017 की धारा 74 तथा उत्तर प्रदेश जीएसटी अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत जारी किया गया था.
जीएसटी विभाग ने आरोप लगाया था कि वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान कंपनी ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का आवश्यकता से अधिक लाभ लिया है. विभाग के अनुसार जीएसटी रिटर्न के मिलान (रिकंसिलिएशन) के दौरान सामने आए अंतर के आधार पर यह कार्रवाई शुरू की गई थी.
हालांकि मामले की सुनवाई के बाद संयुक्त आयुक्त ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रस्तावित टैक्स और जुर्माने की पूरी मांग को समाप्त कर दिया. इसके साथ ही कंपनी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप भी समाप्त हो गए हैं.
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश के बाद कंपनी पर किसी प्रकार का वित्तीय, परिचालन या अन्य महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा. कंपनी ने कहा कि कारण बताओ नोटिस में लगाए गए आरोपों का विधिवत परीक्षण किया गया और सक्षम प्राधिकारी ने उसके पक्ष में निर्णय दिया है.
इस फैसले के बाद एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया को कर विवाद से बड़ी राहत मिली है. कंपनी का कहना है कि वह सभी वैधानिक और कर संबंधी प्रावधानों का पालन करती है और भविष्य में भी नियामकीय अनुपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेगी.











