Saturday, July 4, 2026
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E-rickshaw संचालन में बाधा डालने वाले ऐप्स पर केंद्र की सख्ती

E-rickshaw : केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने BAT-BMS, Lossigy और Epoch Li-Ion मोबाइल ऐप्स को तत्काल हटाने के निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने गूगल और एप्पल से इन तीनों ऐप्स को अपने-अपने ऐप स्टोर से हटाने को कहा है।
यह फैसला सोशल मीडिया पर वायरल हुए उन वीडियो के बाद लिया गया, जिनमें कुछ लोग ब्लूटूथ के माध्यम से चलते हुए ई-रिक्शा की लिथियम-आयन बैटरी को रिमोट तरीके से बंद करते नजर आए। सरकार का मानना है कि ऐसे ऐप्स का दुरुपयोग ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, इसलिए इस पर तत्काल कार्रवाई की गई है।

E-rickshaw : सरकार ने अपनाया कड़ा रुख

आईटी सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को दौरान बताया कि जैसे ही मंत्रालय के संज्ञान में यह मामला आया, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई. उन्होंने कहा कि जिन ऐप्स का दुरुपयोग किया जा रहा था, उन्हें ऐप स्टोर से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक BAT-BMS, Lossigy और Epoch Li-Ion  ऐप्स को औपचारिक रूप से हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं. साथ ही ऐप स्टोर संचालित करने वाली कंपनियों से कहा गया है कि भविष्य में ऐसे ऐप्स की जांच और अधिक सख्ती से की जाए.

ई-रिक्शा बंद होने के क्या थे कारण

जांच में सामने आया कि   BAT-BMS और Lossigy जैसे ऐप्स मूल रूप से Battery Management System (BMS)  के लिए बनाए गए थे. इनका उद्देश्य बैटरी की वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारियों की निगरानी करना था. हालांकि कई कम कीमत वाली चीनी लिथियम-आयन बैटरियों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण कोई भी व्यक्ति करीब 10 से 15 मीटर की ब्लूटूथ रेंज के भीतर इन ऐप्स के जरिए बैटरी से कनेक्ट होकर उसका क्कश2द्गह्म् ष्ठद्बह्यष्द्धड्डह्म्द्दद्ग स्नह्वठ्ठष्ह्लद्बशठ्ठ बंद कर सकता था. इसके बाद ई-रिक्शा तुरंत रुक जाता था और ऐप के जरिए दोबारा सक्रिय किए बिना चालू नहीं हो पाता था.

प्रैंक वीडियो से मचा बवाल –

इस सुरक्षा खामी का फायदा उठाकर कई लोगों ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर प्रैंक वीडियो बनाए. इनमें चलते हुए ई-रिक्शा को अचानक बंद कर दिया जाता था. कई ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाद में पैसे लेकर उनकी गाड़ी दोबारा चालू करने की पेशकश भी कर रहे थे.

दिल्ली सरकार ने भी शुरू की जांच

घटना के बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है. परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने अधिकारियों को तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं ताकि इस खामी की पूरी जानकारी सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार किसी वाहन के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में बिना अनुमति डिजिटल हस्तक्षेप करना अपराध माना जाता है. ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है.

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