Saturday, July 4, 2026
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AI Deepfake पर फूटा प्रीति जिंटा का गुस्सा, हाईकोर्ट में बड़ी याचिका

AI Deepfake : बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने अपनी तस्वीर, आवाज और पहचान का कथित तौर पर बिना अनुमति AI के जरिए इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने Google और Meta को निर्देश दिया कि वे मिलकर ऐसा प्रभावी सिस्टम विकसित करें, जिससे अधिकारों का उल्लंघन करने वाली AI Deepfake सामग्री को तेजी से हटाया जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी, जहां अदालत आगे के निर्देश जारी कर सकती है। यह मामला AI Deepfake और डिजिटल पहचान की सुरक्षा से जुड़े सबसे अहम मामलों में से एक माना जा रहा है।
AI Deepfake : डीपफेक को लेकर खड़े किए गए कई सवाल

बताया गया है कि प्रीति जिंटा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उनकी अनुमति के बिना एआई तकनीक का उपयोग कर उनकी तस्वीर, आवाज और व्यक्तित्व से मिलते-जुलते डीपफेक वीडियो, मॉर्फ्ड तस्वीरें और चैटबॉट आधारित डिजिटल सामग्री तैयार कर विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही है. उनका कहना है कि इस प्रकार की सामग्री न केवल उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि उनकी पहचान का व्यावसायिक रूप से भी अनधिकृत इस्तेमाल किया जा रहा है.

अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को हटाया जाए –

इस मामले में पहले 16 जून को न्यायमूर्ति अभय आहूजा ने अभिनेत्री को मुकदमा दायर करने की अनुमति दी थी. इसके बाद हाल ही में न्यायमूर्ति माधव जमदार की अदालत में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों को समाधान निकालने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि गूगल और मेटा सहित सभी संबंधित पक्ष मिलकर ऐसा व्यावहारिक प्रोटोकॉल तैयार करें, जिससे वास्तविक रूप से अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को हटाया जा सके, जबकि वैध और कानूनी सामग्री पर अनावश्यक कार्रवाई न हो.

याचिका में दावा किया गया है कि कई लोगों ने बिना किसी अनुमति के एआई की सहायता से अभिनेत्री के चेहरे और आवाज का इस्तेमाल कर भ्रामक डिजिटल सामग्री तैयार की और उसे इंटरनेट पर अपलोड एवं प्रसारित किया. प्रीति जिंटा का कहना है कि इस तरह के डीपफेक वीडियो और मॉर्फ्ड तस्वीरें लोगों को भ्रमित कर सकती हैं तथा इससे उनकी पेशेवर साख और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

अभिनेत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि एआई आधारित डीपफेक तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि आम लोगों के लिए असली और नकली सामग्री के बीच अंतर करना बेहद कठिन होता जा रहा है. ऐसे में न्यायिक हस्तक्षेप समय की आवश्यकता है. उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस प्रकार की सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं.

प्रीति जिंटा की याचिका में भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धारा 62 के तहत व्यक्तित्व अधिकार, कॉपीराइट और नैतिक अधिकारों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है. उनका कहना है कि उनकी पहचान और छवि का बिना अनुमति उपयोग कानून का उल्लंघन है और इससे उनकी व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है.

सुनवाई के दौरान गूगल और मेटा की ओर से अदालत को बताया गया कि यदि अभिनेत्री द्वारा चिन्हित किए गए किसी विशेष लिंक या सामग्री में वास्तव में उनके अधिकारों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसे हटाने के लिए वे तैयार हैं. हालांकि दोनों कंपनियों ने ऐसा व्यापक आदेश जारी करने का विरोध किया, जिसके तहत उन्हें सभी सामग्री की लगातार निगरानी करनी पड़े. उनका तर्क था कि सभी शिकायतों को एक समान नहीं माना जा सकता और प्रत्येक मामले का अलग-अलग परीक्षण आवश्यक है.

अदालत ने प्रारंभिक तौर पर माना कि अभिनेत्री ने संरक्षण की मांग के लिए प्रथम दृष्टया उचित आधार प्रस्तुत किया है. इसके साथ ही अदालत ने सभी पक्षों को मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार करने को कहा है, जिससे शिकायत मिलने पर आपत्तिजनक सामग्री को शीघ्र हटाया जा सके और वैध सामग्री प्रभावित न हो.

भारत में एआई डीपफेक और डिजिटल पहचान के दुरुपयोग को लेकर यह मामला तेजी से बढ़ती कानूनी बहस का हिस्सा बन गया है. इससे पहले भी कई फिल्मी हस्तियां अपनी छवि और व्यक्तित्व के अनधिकृत उपयोग के खिलाफ अदालत का रुख कर चुकी हैं और विभिन्न मामलों में न्यायालयों ने राहत भी प्रदान की है. विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के तेजी से विस्तार के बीच डिजिटल सहमति, व्यक्तित्व अधिकार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी जैसे मुद्दे भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होते जाएंगे. अब इस मामले में सभी की नजर 6 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां बॉम्बे हाईकोर्ट एआई डीपफेक सामग्री हटाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकता है.

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