जबलपुर. पश्चिम मध्य रेल में प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के निर्देश पर तीनों मंडलों में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य अधिकारियों के नेतृत्व में यात्री ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार टिकट जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। रेलवे मजिस्ट्रेट चेकिंग के तहत चलाए गए इन अभियानों में बिना टिकट यात्रा, अनियमित टिकट पर यात्रा और अनबुक्ड लगेज के कुल 7 लाख 80 हजार मामले पकड़े गए। इन मामलों से अतिरिक्त किराया और जुर्माने के रूप में पश्चिम मध्य रेल ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों में कुल 64 करोड़ 76 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह राशि पिछले वर्ष की समान अवधि में वसूले गए 60 करोड़ 38 लाख रुपये की तुलना में 7.25 प्रतिशत अधिक है। टिकट जांच अभियानों से राजस्व में हुई यह बढ़ोतरी रेलवे की सख्त चेकिंग व्यवस्था और बिना टिकट यात्रा पर लगातार हो रही कार्रवाई को दर्शाती है।
मुख्यालय एवं मंडलों पर परफॉर्मेंस इस प्रकार रहा
मुख्यालय सीसीएम स्क्वाड: मुख्यालय के टिकट निरीक्षकों द्वारा चलाए गए टिकिट जाँच अभियान में बिना टिकट/अनबुक्ड लगेज/अनियमित टिकट लेकर यात्रा करने वालों के 13 हजार मामलों से 99 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया.
जबलपुर मंडल: टिकट निरीक्षकों द्वारा चलाए गए जांच अभियान में 3 लाख 57 हजार मामलों से 31 करोड़ 39 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया.
भोपाल मंडल: टिकट जांच के दौरान 2 लाख 61 हजार मामलों से 20 करोड़ 09 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया.
कोटा मंडल: टिकट निरीक्षकों ने अभियान के दौरान 1 लाख 49 हजार मामलों से 12 करोड़ 29 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया.
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि बिना टिकट यात्रा न करें. यात्रा से पूर्व उचित टिकट अवश्य लें, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. यात्रियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाणिज्य विभाग एवं आरपीएफ के समन्वय से पश्चिम मध्य रेल द्वारा ट्रेनों में टिकट चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर चलाए जाते रहेंगे.








