जबलपुर. लखनऊ-जबलपुर चित्रकूट एक्सप्रेस को मंडला तक बढ़ाने की तैयारी रेलवे में चल रही है. इस ट्रेन का रैक लगभग 15 घंटा तक जबलपुर में खड़ा रहता है, जिसे देखते हुए जबलपुर रेल मंडल ने इस ट्रेन को बढ़ाने का प्रस्ताव दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे (एसईसीआर) व रेलवे बोर्ड को भेजा है.
गाड़ी संख्या 15205 लखनऊ से चलकर जबलपुर आने वाली चित्रकूट एक्सप्रेस जो सुबह 5.40 बजे पहुंचती है, उसके बाद वापसी में गाड़ी संख्या 15206 जबलपुर से लखनऊ के लिए 20.50 बजे रवाना होती है. यह ट्रेन लगभग 15 घंटे तक जबलपुर यार्ड में खड़ा रहता है.
मंडला-नैनपुर के यात्रियों की डिमांड, जबलपुर में कम होगा दबाव
बताया जाता है कि मंडला फोर्ट स्टेशन तैयार होने के बाद वैसे भी वहां के जनप्रतिनिधियों व आम जनता द्वारा सीधी ट्रेन की मांग की जाती रही है, जिसे देखते हुए चित्रकूट एक्सप्रेस का रैक जो घंटों जबलपुर यार्ड में खड़ा रहता है, जिससे यहां पर जगह घिरी रहती है, साथ ही रैक का उपयोग भी नहीं हो पा रहा है, जिस पर इस ट्रेन को नैनपुर या मंडला तक बढ़ाने का प्रस्ताव है. जबलपुर मंडल रेल प्रशासन ने ट्रेन को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को बोर्ड व दपूमरे भेज दिया है, अब गेंद बिलासपुर जोन के पाले में है, जो इस ट्रेन को नैनपुर या मंडला तक चलाने पर अपनी सहमति जताता है.
गढ़ा व ग्वारीघाट स्टेशन एसईसीआर से डबलूसीआर में शामिल करने का भी प्रस्ताव
वहीं जबलपुर शहर के अंदर के दो रेलवे स्टेशन गढ़ा व ग्वारीघाट जो अभी दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के नागपुर मंडल के अंतर्गत आता है, जिसे पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में शामिल करने का प्रस्ताव भी बोर्ड को भेजा गया है. इन दो स्टेशनों को जबलपुर के अधीन किये जाने की मांग पिछले काफी समय से जनप्रतिनिधियों द्वारा की जाती रही है. साथ ही व्यापारियों को भी काफी परेशान हो रही है. उन्हें अपनी समस्याओं के लिए काफी दूर नागपुर मंडल व बिलासपुर रेल मुख्यालय से संपर्क करना पड़ता है. जबलपुर के अधीन होने से तत्काल ही राहत मिलने की संभावना बढ़ जायेगी.
इनका कहना..
– चित्रकूट एक्सप्रेस को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है, यह ट्रेन नैनपुर या कहां तक बढ़ाई जायेगी, इसका निर्णय एसईसीआर को लेना है, वहीं गढ़ा व ग्वारीघाट स्टेशनों को पमरे के अधीन किये जाने का भी प्रस्ताव भेजा जा चुका है.
– शशांक गुप्ता, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, जबलपुर रेल मंडल.








