मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ा हुआ है, लेकिन इसकी विदाई से पहले प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 23 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसम सिस्टम का असर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। इसके चलते प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
आमतौर पर मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई सितंबर के आखिरी दिनों या अक्टूबर के पहले सप्ताह के आसपास होती है। ऐसे में विदाई से पहले सक्रिय होने वाला मौसम सिस्टम प्रदेश के बारिश के आंकड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल मंगलवार 22 सितंबर को प्रदेश में तेज बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
आज कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवा का असर
मौसम विभाग के मुताबिक 22 सितंबर को मध्य प्रदेश के सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा गरज-चमक के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासतौर पर खुले स्थानों, टिन शेड और हल्की या धारदार वस्तुओं के आसपास खड़े होने से बचने को कहा गया है। मौसम में अचानक बदलाव के दौरान बिजली चमकने और तेज हवा चलने की स्थिति में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी।
भोपाल में बादल, लेकिन बारिश के आसार कम
राजधानी भोपाल में मंगलवार को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। दिन के समय आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश होने के आसार बेहद कम हैं। दिन का तापमान बढ़ने से दोपहर के समय एक बार फिर उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।
यानी सुबह और शाम मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने के बावजूद दोपहर में गर्मी का असर महसूस हो सकता है। वहीं इंदौर में भी मौसम का मिजाज कुछ इसी तरह रहने की संभावना है। यहां बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन फिलहाल अच्छी बारिश की उम्मीद कम है।
23 सितंबर से एक्टिव हो सकता है नया सिस्टम
मौसम विभाग की नजर अब 23 सितंबर से बनने वाले नए सिस्टम पर है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह सिस्टम मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकता है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की विदाई से पहले बनने वाला यह सिस्टम प्रदेश के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि कई जिलों में अभी सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ है। अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश से बारिश की कमी वाले जिलों को राहत मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में अब तक 33.7 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 33.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 90.3 प्रतिशत है। यानी प्रदेश में अभी सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ है। राज्य के आधे से ज्यादा जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है।
बारिश के मामले में इंदौर संभाग सबसे पीछे बताया जा रहा है। हालांकि भोपाल समेत प्रदेश के 22 जिलों में सामान्य कोटे का 100 प्रतिशत या उससे ज्यादा बारिश हो चुकी है। कई जिलों में बारिश का लक्ष्य पूरा हो चुका है, जबकि कुछ जिलों को अभी अच्छी बारिश का इंतजार है।
विदाई से पहले बारिश पूरी कर सकती है कोटा
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की विदाई में अब करीब 10 दिन का समय बचा है और इस दौरान बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। 23 सितंबर से बनने वाली बारिश की स्थिति पन्ना, मंडला, मंदसौर, मुरैना समेत कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने पर सामान्य बारिश के आंकड़े के करीब पहुंचने या उसे पूरा करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन मध्य प्रदेश के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। फिलहाल 22 सितंबर को तेज बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है, लेकिन 23 सितंबर के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।











