भारत की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ अपनी तूफानी बल्लेबाजी से नया इतिहास रच दिया। मंधाना भले ही शतक पूरा करने से चूक गईं, लेकिन 45 गेंदों में 79 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जो महिला क्रिकेट में अब तक किसी और बल्लेबाज के नाम नहीं था।
मंधाना 11 हजार इंटरनेशनल रन पूरे करने वाली दुनिया की पहली और एकमात्र महिला बल्लेबाज बन गई हैं। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और मंधाना ने शेफाली वर्मा के साथ मिलकर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।
मंधाना-शेफाली की जोड़ी ने रचा नया रिकॉर्ड
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने जबरदस्त शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में तेजी से रन बटोरते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इस दौरान दोनों ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की।
मंधाना और शेफाली की जोड़ी WT20I में 4 हजार रन की साझेदारी पूरी करने वाली दुनिया की पहली जोड़ी बन गई। शेफाली वर्मा ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर 48 रन की पारी खेली। उनकी आक्रामक पारी ने भारत के बड़े स्कोर की नींव तैयार कर दी। शेफाली के आउट होने के बाद मंधाना ने मोर्चा संभाले रखा और तेजी से रन बनाने का सिलसिला जारी रखा।
30 गेंदों में फिफ्टी, 45 गेंदों में 79 रन
स्मृति मंधाना ने अपनी पारी के दौरान बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 30 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया और इसके बाद उनकी नजर शतक पर थी। मंधाना लगातार बड़े शॉट खेल रही थीं और श्रीलंका के गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई आसान रास्ता नजर नहीं आ रहा था।
उन्होंने 45 गेंदों का सामना करते हुए 79 रन बनाए। अपनी इस पारी में मंधाना ने पांच चौके और सात छक्के लगाए। यानी उनके 79 रनों में 62 रन सिर्फ बाउंड्री से आए। उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपनी पारी का बड़ा हिस्सा चौकों और छक्कों से ही पूरा किया।
शतक से 21 रन दूर रह गईं मंधाना
मंधाना जिस अंदाज में बल्लेबाजी कर रही थीं, उससे लग रहा था कि वह फाइनल मुकाबले में शतक भी जड़ सकती हैं। अगर वह 21 रन और बना लेतीं तो 100 रन का आंकड़ा पार करने के साथ अपना 19वां इंटरनेशनल शतक भी पूरा कर लेतीं। हालांकि बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में वह 45 गेंदों पर 79 रन बनाकर आउट हो गईं।
इसके बावजूद उनकी पारी भारतीय पारी के लिए बेहद अहम साबित हुई। इंटरनेशनल क्रिकेट में शतकों की बात करें तो स्मृति मंधाना और दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ट के नाम 18-18 शतक दर्ज हैं। मंधाना की इस पारी ने एक बार फिर दिखाया कि बड़े मुकाबलों में वह टीम के लिए कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भारत ने एशियन गेम्स में बनाया सबसे बड़ा स्कोर
स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की शानदार शुरुआत के बाद भारतीय पारी को ऋचा घोष ने डेथ ओवरों में तूफानी अंदाज दिया। ऋचा ने महज 22 गेंदों में नाबाद 49 रन की पारी खेली और आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़ते हुए भारत के स्कोर को 216 रन तक पहुंचा दिया।
भारत ने 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाए। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। पिछली बार गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम ने फाइनल में भी अपनी बल्लेबाजी की ताकत का शानदार प्रदर्शन किया और श्रीलंका के सामने बड़ा लक्ष्य रख दिया।
कुल मिलाकर एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल मुकाबले में स्मृति मंधाना की 79 रन की पारी कई मायनों में यादगार रही। वह शतक पूरा नहीं कर सकीं, लेकिन 11 हजार इंटरनेशनल रन के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचकर उन्होंने महिला क्रिकेट में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया।
वहीं शेफाली के साथ 4 हजार रन की साझेदारी और ऋचा घोष की तूफानी नाबाद पारी ने भारत को 216 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों का यह प्रदर्शन टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा।











