जबलपुर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील तिवारी ने पाटन, जबलपुर स्थित 132 केवी एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सबस्टेशन का निरीक्षण कर क्षेत्र की विद्युत आवश्यकताओं एवं भविष्य की लोड वृद्धि का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सबस्टेशन के विस्तार एवं अपग्रेडेशन की योजना शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।
संभावित लोड वृद्धि को देखते हुए अपग्रेडेशन की तैयारी-
पाटन सबस्टेशन के निरीक्षण के दौरान प्रबंध संचालक ने सबस्टेशन की वर्तमान लोड प्रोफाइल का अवलोकन किया। उन्होंने मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम. वाय. मंसूरी को निर्देश दिए कि पाटन क्षेत्र में संभावित लोड वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सबस्टेशन के अपग्रेडेशन की विस्तृत योजना तैयार की जाए।
यार्ड निरीक्षण के दौरान उपलब्ध स्थान का आकलन करते हुए उन्होंने सबस्टेशन के समीप उपलब्ध भूमि का उपयोग कर विस्तार योजना तैयार करने तथा प्रस्ताव शीघ्र संबंधित विभाग को प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
अतिरिक्त 132 केवी स्रोत विकसित करने पर जोर-
मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि पाटन कृषि प्रधान एवं संवेदनशील क्षेत्र है, जहां रबी सीजन के दौरान विद्युत मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसे देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को 220 केवी पनागर सबस्टेशन से एक अतिरिक्त 132 केवी सर्किट उपलब्ध कराने की संभावना का परीक्षण कर योजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र को अधिक विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
प्रबंध संचालक ने इस दरमियान सब स्टेशन में कार्यरत आउटसोर्स ऑपरेटर एवं सुरक्षा कर्मियों से भी संवाद किया।
आउटर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित ट्रांसमिशन टावरों की शिफ्टिंग का लिया जायजा–
मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील तिवारी ने जबलपुर आउटर रिंग रोड निर्माण परियोजना के अंतर्गत ग्राम नुनसर के समीप शिफ्ट किए गए ट्रांसमिशन टावरों के कार्य का भी अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि 132 केवी पनागर–पाटन तथा 132 केवी जबलपुर–पाटन–तेजगढ़ ट्रांसमिशन कॉरिडोर के तीन-तीन टावर एमपी ट्रांसको के सुपरविजन में सफलतापूर्वक शिफ्ट किए गए हैं। यह कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्धारित समय-सीमा के पूर्व उपलब्ध करा दिया गया।
तकनीकी मानकों के अनुरुप करें सत्यापन–
प्रबंध संचालक ने मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डी के अग्रवाल को निर्देश दिए कि टावर शिफ्टिंग कार्यों का निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप सत्यापन किया जाए, ताकि मार्ग पर यातायात प्रारंभ होने के बाद ऊंचाई अथवा सुरक्षा संबंधी कोई समस्या उत्पन्न न हो।
ये अधिकारी रहे उपस्थित–
निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डी. के. अग्रवाल, मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम. वाय. मंसूरी , अतिरिक्त मुख्य अभियंता टेस्टिंग आर. सी. शर्मा, अधीक्षण अभियंता आर एस पांडेय,कार्यपालन अभियंता ए. पी. एस. चौहान सहित नरेंद्र पटेल, अमित दाहिया एवं जितेंद्र तिवारी उपस्थित रहे।








