नई दिल्ली. अगर आप भी अक्सर हवाई सफर करते हैं, और खासतौर पर बजट एयरलाइंस इंडिगो से यात्रा करते हैं, तो यह खबर सीधे आपकी जेब पर असर डालने वाली है. इंडिगो एयरलाइंस ने घरेलू उड़ानों के लिए कई जरूरी और अतिरिक्त सेवाओं के शुल्कों में भारी बढ़ोतरी कर दी है. एयरलाइंस द्वारा जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक, अब नवजात बच्चों के टिकट से लेकर एक्स्ट्रा सामान ले जाने और बच्चों के अकेले सफर करने पर पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.
अब गोद में बच्चा लेकर सफर करना भी हुआ महंगा
नए नियमों के तहत, अब माता-पिता या किसी वयस्क के साथ सफर करने वाले नवजात बच्चों (3 दिन से लेकर 2 साल तक के बच्चे) के लिए डोमेस्टिक फ्लाइट्स में 3,000 रुपये का शुल्क देना होगा. इससे पहले यह चार्ज 2,000 था, यानी इसमें सीधे 1,000 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई है. विमानन कंपनी के नियमों के मुताबिक, इन बच्चों को अलग से कोई सीट नहीं दी जाती है, उन्हें वयस्क सहयात्री की गोद में ही सफर करना होता है. साथ ही, एक वयस्क अपने साथ सिर्फ एक ही इन्फेंट ले जा सकता है. इसका भुगतान बुकिंग के समय ही करना होगा और सफर के दौरान बच्चे की उम्र का सही प्रमाण पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा.
एक्सट्रा बैगेज पर देना होगा 800 रुपये प्रति किलो
हवाई सफर के दौरान तय सीमा से ज्यादा सामान ले जाने वाले यात्रियों को भी अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी होगी. इंडिगो ने डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए अतिरिक्त सामान शुल्क को 700 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 800 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया है. इसका मतलब है कि अब तय वजन सीमा (15 किलोग्राम) से ऊपर हर एक किलो अतिरिक्त सामान पर यात्रियों को 100 रुपये ज्यादा देने होंगे.
अकेले सफर करने वाले बच्चों और प्रायोरिटी सेवाओं के दाम भी बढ़े
इसके अलावा, बिना किसी वयस्क के अकेले सफर करने वाले बच्चों के लिए दी जाने वाली सेवा का शुल्क 5,000 रुपये से बढ़ाकर 5,999 रुपये कर दिया गया है. वहीं, जो यात्री एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों से बचने के लिए प्रायोरिटी चेक-इन और प्रायोरिटी बोर्डिंग का विकल्प चुनते हैं, उन्हें अब 450 रुपये के बजाय 650 रुपये चुकाने होंगे. इसके साथ ही, एयरलाइंस से ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी कराने की फीस भी 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है.
हवाई सफर की बुनियादी लागत पर क्या होगा असर?
राहत की बात बस इतनी है कि एयरलाइंस ने विमान के मूल किराए में कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन, बच्चों के साथ सफर करने वाले परिवारों या ज्यादा सामान लेकर चलने वाले यात्रियों के लिए अब हवाई सफर काफी महंगा होने वाला है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि परिचालन लागत और फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए विमानन कंपनियों पर अतिरिक्त सेवाओं से कमाई बढ़ाने का दबाव बढ़ रहा है.








