मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के पोरसा तहसील के चंबल नदी के नगरा घाट पर रविवार की सुबह चीख पुकार सुनाई दी. यह आवाज चंबल नदी के तेज बहाव में बहते जा रहे स्टीमर से आ रही थी. स्टीमर का इंजन नदी के बीच में पहुंचते ही बंद हो गया, जिसका कारण डीजल खत्म होना बताया गया. इसके बाद, पानी का बहाव स्टीमर को अपने साथ बहा ले गया.
स्टीमर पांच किलोमीटर दूर बहकर भिंड के अटेर क्षेत्र में पहुंचा
स्टीमर अब तक पांच किलोमीटर दूर बहकर भिंड के अटेर क्षेत्र की ओर बढ़ गया है. स्टीमर में 150 से अधिक यात्री सवार हैं. 50 से अधिक बाइक भी रखी हैं. यात्रियों में कावड़ वालों की संख्या भी बहुत है. बचाव के लिए आपदा प्रबंधन टीम के अलावा नगरा, पोरसा और महुआ थाने की पुलिस टीमे मदद को भेज दी गई हैं. बताया जा रहा है कि यात्रियों से भरा स्टीमर चंबल नदी के नगरा घाट से उत्तरप्रदेश के केंजरा घाट जा रहा था. उत्तरप्रदेश में बटेश्वर मंदिर है वहीं कांवड़ चढ़ाने के लिए कांवडि़ए व उनके स्वजन जा रहे थे. लोगों के जान में जान तब आई जब स्टीमर भिंड के कक्षपुरा में अपने आप किनारे लग गया. बताया जा रहा है कि स्टीमर से सभी लोग सुरक्षित उतार लिए गए हैं.
बारिश के कारण उफान पर है चंबल
बारिश के कारण चंबल नदी में उफान है, जिसके चलते उत्तर प्रदेश प्रशासन के एसडीएम ने घाट पर चलने वाले स्टीमर को बंद करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद, यह स्टीमर चल रहा था. प्रशासन की रोक के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ताकि यात्रियों की जान को खतरे से बचाया जा सके. इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं








