अगस्त में भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से बढ़ा है। HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI 59.3 पर पहुंच गया, जो 2008 के बाद सबसे उच्चतम स्तर है।
भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अगस्त महीने में और तेज़ी से आगे बढ़ा है, जिससे देश की आर्थिक रफ्तार को नई मजबूती मिली है। मजबूत मांग के चलते फैक्ट्री ऑर्डर और उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है।
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI अगस्त में बढ़कर 59.3 पहुंच गया, जो जुलाई में 59.1 था। यह स्तर फरवरी 2008 के बाद का सबसे ऊंचा है और यह संकेत देता है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ऑपरेटिंग स्थितियां बेहद मजबूत हुई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक यह वृद्धि मुख्य रूप से उत्पादन की बढ़ी हुई मात्रा और नए ऑर्डर्स के चलते हुई है। लगातार दूसरे महीने, नए ऑर्डर्स का स्तर 57 महीनों में सबसे ऊंचा बना रहा।
अगस्त में इंटरमीडिएट गुड्स, यानी कच्चे या अधपके माल, की बिक्री और उत्पादन में सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। इसके बाद कैपिटल गुड्स (जैसे मशीनें) और कंज्यूमर गुड्स (उपभोक्ता सामान) की श्रेणियों में भी अच्छी तेजी देखी गई।
कंपनियों ने अतिरिक्त सामग्रियों की खरीद में तेजी लाई और पहली बार नौ महीनों में तैयार माल का भंडार भी बढ़ा। इसके साथ ही लगातार अठारहवें महीने रोजगार में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रोजगार की विकास दर 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंची है, जो कि दीर्घकालिक औसत से काफी ऊपर है।











