भारत सरकार के अपनी तरह के विशेष मोबाइल एप्लिकेशन “मेरी पंचायत” को एक्शन लाइन कैटेगरी: सांस्कृतिक विविधता और पहचान, भाषाई विविधता और स्थानीय कंटेंट के तहत प्रतिष्ठित वर्ल्ड समिट ऑन द इंफॉर्मेशन सोसाइटी (WSIS) प्राइज 2025 चैंपियन पुरस्कार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।
यह सम्मान डब्ल्यूएसआईएस पहल के तहत इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) द्वारा आयोजित डब्ल्यूएसआईएस+20 हाई लेवल इवेंट 2025 के दौरान प्रदान किया गया। डब्ल्यूएसआईएस प्राइज 2025 चैंपियन प्रोजेक्ट के रूप में मेरी पंचायत भारत के डिजिटल गवर्नेंस मॉडल की वैश्विक उत्कृष्टता का प्रतीक है।
आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को औपचारिक रूप से डब्ल्यूएसआईएस चैंपियन प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपीसिंह बघेल, संसदीय सचिव विवेक भारद्वाज और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने डिजिटल माध्यमों से नागरिक-केंद्रित शासन को आगे बढ़ाने में मददगार रही मेरी पंचायत पहल की सराहना की। उन्होंने पारदर्शिता बढ़ाने, सहभागी लोकतंत्र को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर सूचना एवं ज्ञान के अंतर को पाटने के लिए ऐसे डिजिटल साधनों का और अधिक लाभ उठाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फोर्मेशन सोसायटी+20 हाई लेवल इवेंट 2025 जिनेवा, स्विट्जरलैंड में 7 से 11 जुलाई 2025 तक आयोजित किया गया था। डब्ल्यूएसआईएस फोरम 2025 के रूप में भी चर्चित, इस कार्यक्रम की मेजबानी इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन और स्विस कन्फेडरेशन ने की थी और आईटीयू, यूनेस्को, यूएनडीपी और यूएनसीटीएडी ने इसके सह-आयोजक थे।
मूल डब्ल्यूएसआईएस के बीस साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, यह प्रगति का आकलन करने, उभरती चुनौतियों का समाधान करने और समावेशी सूचना समाजों के निर्माण के लिए भविष्य की दिशा तय करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। एनआईसी/एनआईसी-एमओपीआर की वरिष्ठ निदेशक सुश्री सुनीता जैन ने 10 जुलाई को डब्ल्यूएसआईएस+20 उच्च स्तरीय कार्यक्रम 2025 के दौरान जिनेवा में भारत सरकार की ओर से “मेरी पंचायत” के लिए प्रतिष्ठित चैंपियन पुरस्कार प्राप्त किया।
मेरी पंचायत ऐप के बारे में
“मेरी पंचायत ऐप- भारत की पंचायतों के लिए एम-गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म” भारत की 2.65 लाख ग्राम पंचायतों के 25 लाख से ज्यादा निर्वाचित प्रतिनिधियों और लगभग 95 करोड़ ग्रामीण निवासियों को सशक्त बनाता है और डिजिटल समावेशन और पारदर्शिता के माध्यम से ग्रामीण शासन में बदलाव लाता है। यह पंचायती राज मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की एक पहल है। यह ऐप नागरिकों को नई परियोजनाओं का प्रस्ताव देने, कार्यान्वित कार्यों की समीक्षा और मूल्यांकन करने तथा ग्राम सभा के एजेंडे और निर्णयों तक पहुंचने में सक्षम बनाता है, जिससे सहभागी लोकतंत्र और नागरिक सहभागिता मजबूत होती है।











