पुलवामा आतंकी हमले को सात वर्ष पूरे हो गए हैं। वर्ष 2019 में हुए इस हमले में देश ने अपने 40 बहादुर जवानों को खो दिया था। यह घटना भारत के इतिहास का एक अत्यंत दुखद अध्याय है। बरसी के मौके पर पूरा देश शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
पीएम मोदी ने किया नमन
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पुलवामा में बलिदान देने वाले वीर जवानों की निष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा सदैव देश की सामूहिक चेतना में अमिट रहेंगे। उन्होंने कहा कि हर भारतीय को उनके अटूट साहस से प्रेरणा मिलती है।
अमित शाह: आतंकवाद मानवता का दुश्मन
केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने शहीदों के शौर्य को याद करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और भारत इसके समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान को देश का ऋण बताया।
विदेश मंत्री और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा कि पुलवामा के वीरों का बलिदान सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘शून्य सहिष्णुता’ नीति को और मजबूत करता है। केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि मां भारती के वीर सपूतों का अमर बलिदान हमें आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है।
केंद्रीय राज्यमंत्री Ramdas Athawale ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके बलिदान को भारतीय शौर्य और पराक्रम का प्रतीक बताया।
विपक्ष ने भी दी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि अमर जवानों का बलिदान हमें आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने की प्रेरणा देता है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस और समर्पण सदैव याद रखा जाएगा।
एनसीपी-एसपी प्रमुख Sharad Pawar ने भी अपने संदेश में कहा कि भारतीय सैनिकों ने अपने त्याग और बलिदान से देश की संप्रभुता की रक्षा की है, जिसे राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। पुलवामा हमले की यह बरसी एक बार फिर देश को उन अमर वीरों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाती है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।











