Home Tags कटाक्ष

Tag: कटाक्ष

हाथी चले बाज़ार: मुकेश चौरसिया

हाथी ने फिर से घोषणा कर दी है कि वह अमुक दिन, अमुक समय बाज़ार से होकर गुजरेगा। पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति में उसके...

तीखा तीर

हुई जार्ज की हत्या यूएस में फैला दंगा गोरे काले में ठनी पुलिस से लिय़ा था पंगा दंगाई चढ़े घर में ट्रम्प छुपे बंकर में -वीरेंद्र तोमर

तीखा तीर

निर्माण शुरू अब हो गया मंदिर तेरा, हे श्री राम टेंट से बाहर अब आओगे, सुन्दर बन रहा धाम पक्ष-विपक्ष मुद्दा खतम, अब नहीं किसी का काम अब बोलो जय...

तीखा तीर

चार ताले लग चुके अब पाँचवें की तैयारी कोरोना से यदि बच भी गये, भुखमरी फैलेगी भारी जन जीवन सामान्य बनाओ कोरोना से मत घबराओ -वीरेंद्र तोमर

तीखा तीर

मजदूरों के अभाव में मुंबई हो रही परेशान, मजदूर पलायन कर रहे अब कौन करेगा काम, यूपी में काम मिलेगा, सुन योगी का पैगाम -वीरेंद्र तोमर

तीखा तीर

चार किलोमीटर सीमा के भीतर चाइना घुस आया अपने देश, गलवान में कर लिया कब्जा नहीं सुन रहा एक बंकर और सौ टेंट बना लिए, शस्त्र लाया संग अनेक युद्ध...

तीखा तीर

राजीव गांधी की देन है आईटी से भारत का बढ़ाया मान देश के कुछ गद्दारों ने उनके ही ले लिए प्राण देश का सच्चा पुत्र था सब करो उनका...

तीखा तीर

चालाकी चाइना दिखा रहा नेपाल से फिकवा कर जाल हिंदुस्तान को धमकाने की ड्रैगन बिछा रहा है जाल पीओके से वंचित करने को सब रास्ते रहा खंगाल -वीरेन्द्र तोमर

तीखा तीर

ईएमआई वसूली का, जून से बैंक ने जारी किया फरमान लोग रो रहे रोजगार को बैंक वसूली, कर रही परेशान घर में हो जो भी, जाके बेचो लोन अदा...

तीखा तीर

मिली विरासत में सत्ता थी लेकिन संजो न पाए जाति-पाति विष बो करके धरती-पुत्र के पुत्र कहलाये चाचा को ही धूल चटा दी अब बाबा से घबराये -वीरेन्द्र तोमर

तीखा तीर

बस हजार की बन सहयोगी चढके अटरिया कोसो योगी तोपों से माल निकालो थोड़ा-थोड़ा सबको दे डालो मजदूर तुम्हारा लेगा नाम कर लो जरा पुण्य का काम -वीरेन्द्र तोमर

तीखा तीर

एक दो, तीन अब चार लठ्ठातंत्र की जय जय कार वादों की लागी बौछार गरीब लुटा बीच बजार घर खातिर तरस रहा है कोरोना से लड़ रहा है -वीरेन्द्र तोमर

तीखा तीर

मदिरा वर्जित,पूर्ण शकाहारी उत्तम चरित्र, देश पुजारी मंत्रमुग्ध भाषण थी शैली विश्व विजित का इच्छाधारी क्रूरशासक,सनकी था हिटलर खोजो कहाँ जन्मा फिर हिटलर दीदी बन गई पुलिस इंस्पेक्टर -वीरेन्द्र तोमर

तीखा तीर

इकतीस देशों आ रहे वापस अपने देश वतन पराया छोड के कर बन्देमातरम उदघोष विकसित करो निज देश को मत जाना कभी विदेश विदेशी पैसा देश में डालो -वीरेन्द्र तोमर

तीखा तीर

हरा सिगनल हो गया चलने लगी अब रेल इन पर अमीर चलेगा नहीं गरीब का खेल, राजधानी से राज्यों को दौड़ेंगी सब पंद्रह मेल मध्यमवर्ग झेलें तालाबन्दी -वीरेन्द्र तोमर

तीखा तीर

पंखुडियां बदरंग हो रही लखै बीच दरार खबरनबीस बक रहे सुन लो हे सरकार कीचड में पंकज खिलत है कीचड रहा समाय अस आलोचक कर रहे चर्चा -वीरेन्द्र तोमर

Recent

साहित्य

This function has been disabled for लोकराग.