Home Tags Anamika chakravarti

Tag: Anamika chakravarti

अनामिका चक्रवर्ती की कविताएं

1. गहरे अंधेरे मेरे गहरे अँधेरे बुझ गए आके तेरे काँधें पर थाम लिया तुने मुझे यूँ आँखों में जैसे थाम लेती हैं हवाएँ, सरगम को एक अपरिचित सा...

यक़ीन मानो- अनामिका चक्रवर्ती

ये जो तुम मेरी हर बात को सिगरेट के धुंए की तरह हँसी में उड़ा देते हो न यक़ीन मानो, मुझे कभी बुरा नहीं लगता बल्कि मैं खुद को तुम्हारे...

पीड़ा से परे स्त्री कहाँ- अनामिका चक्रवर्ती

जब ईश्वर नें संसार के कपाल में पीड़ा लिखा तब उसे स्त्री बनाना पड़ा क्योंकि वह भी जानता है पीड़ा का अनुभव करने और उसे सहने की क्षमता...

Recent

साहित्य

This function has been disabled for लोकराग.