टेलीकॉम यूजर्स के लिए TRAI ने रिचार्ज से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने Telecom Consumer Protection Regulations में 13वें संशोधन को जारी किया है। नए प्रावधानों का मुख्य फोकस उन मोबाइल ग्राहकों पर है, जिन्हें इंटरनेट डेटा की खास जरूरत नहीं होती और जो अपने फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं। नए नियमों के बाद टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे ग्राहकों के लिए अलग Voice और SMS आधारित रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने होंगे।
30 दिन की वैलिडिटी वाले रिचार्ज पर जोर
TRAI के नए नियमों के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों को Voice, SMS और Data वाले Special Tariff Voucher यानी STV की वैलिडिटी के अनुरूप Voice और SMS-only STV उपलब्ध कराने होंगे। इसमें 30 दिन की वैलिडिटी वाले विकल्प के साथ-साथ 30 दिन से कम अवधि वाले संबंधित विकल्प भी शामिल होंगे।
इसके अलावा कंपनियों को कम से कम एक ऐसा Voice और SMS-only STV भी रखना होगा, जिसकी वैलिडिटी लंबी अवधि वाले Voice, SMS और Data STV के अनुरूप हो। इससे ऐसे ग्राहकों को अपने इस्तेमाल के हिसाब से रिचार्ज चुनने का ज्यादा अवसर मिल सकता है।
हर महीने एक तय तारीख पर रिन्यू कराने का विकल्प
नए नियमों में ग्राहकों के लिए एक और विकल्प रखा गया है। टेलीकॉम कंपनियां ऐसा रिचार्ज उपलब्ध करा सकती हैं, जिसकी वैलिडिटी हर महीने एक ही तारीख को रिन्यू हो। उदाहरण के तौर पर अगर किसी ग्राहक ने महीने की एक निश्चित तारीख को रिचार्ज कराया है, तो आगे भी उसी तारीख के आसपास उसकी वैलिडिटी जारी रखने का विकल्प मिल सकता है। अगर किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं है, तो उस महीने की आखिरी तारीख को रिन्यूअल किया जाएगा। इससे ग्राहकों को रिचार्ज की तारीख याद रखने और महीने के हिसाब से प्लान मैनेज करने में सुविधा हो सकती है।
क्या 28 दिन वाले रिचार्ज अब बंद हो जाएंगे?
28 दिन की वैलिडिटी वाले मोबाइल प्लान लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। मार्च 2026 में सांसद राघव चड्ढा ने संसद में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि 28 दिन की वैलिडिटी को मंथली प्लान के तौर पर इस्तेमाल करने से ग्राहकों को साल में प्रभावी रूप से 13 बार रिचार्ज कराना पड़ सकता है।
उन्होंने 30 दिन या एक महीने की मानकीकृत वैलिडिटी की मांग की थी। हालांकि TRAI के नए नियमों को इस रूप में देखना सही नहीं होगा कि सभी 28 दिन वाले प्लान तत्काल खत्म कर दिए गए हैं। नियमों का प्रमुख फोकस Voice और SMS-only STV को अलग-अलग वैलिडिटी के अनुरूप उपलब्ध कराने पर है।
बिना डेटा वाले ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा चुनाव
TRAI के मुताबिक नए प्रावधानों का एक बड़ा उद्देश्य उन ग्राहकों के लिए विकल्प बढ़ाना है, जो मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते या बेहद कम करते हैं। ऐसे यूजर्स के लिए डेटा समेत महंगे पैकेज लेना हमेशा जरूरी नहीं होता। नए नियमों के तहत Voice और SMS की जरूरत वाले ग्राहकों को अलग STV विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के अनुसार कॉलिंग और SMS केंद्रित प्लान चुन सकेंगे।
TRAI ने सुझाव लेने के बाद जारी किए अंतिम नियम
इन बदलावों से पहले TRAI ने 7 अप्रैल 2026 को Telecom Consumer Protection (Thirteenth Amendment) Regulations का ड्राफ्ट जारी किया था। इसके जरिए अलग-अलग हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। TRAI को इस प्रक्रिया के दौरान कुल 1,132 प्रतिक्रियाएं मिलीं। इसके बाद 15 जून 2026 को Open House Discussion आयोजित की गई, जिसमें इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अंतिम नियम जारी किए गए हैं।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा सीधा असर?
नए नियमों का सबसे ज्यादा असर उन प्रीपेड यूजर्स के विकल्पों पर दिखाई दे सकता है, जो मोबाइल कनेक्शन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए करते हैं। ऐसे ग्राहकों को अब संबंधित वैलिडिटी के हिसाब से Voice और SMS-only STV उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियों के प्लान की कीमत एक जैसी होगी। कंपनियां TRAI के नियमों के तहत अपने-अपने टैरिफ और ऑफर तय करेंगी। यानी आगे ग्राहकों के पास डेटा वाले पैक के साथ-साथ केवल कॉलिंग और SMS पर आधारित विकल्पों में चुनाव करने के ज्यादा मौके हो सकते हैं।











