मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों में कार्य करने वाले आउटसोर्स कर्मियों के साथ होने वाले हादसों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है, क्योंकि बिना प्रशिक्षण नियुक्ति के दिन से ही आउटसोर्स कर्मियों को पोल पर चढ़ाकर करंट का कार्य करने का आदेश दे दिया जाता है और मौके पर कोई अनुभवी कर्मचारी या मैदानी अधिकारी मौजूद नहीं होने के कारण आउटसोर्स कर्मी हादसे का शिकार हो जाते हैं।
वहीं करंट के कार्य का आदेश देने के बाद नियमानुसार मौके पर मौजूद रहने की बजाए जूनियर इंजीनियर घर पर जाकर सो जाते हैं या एयर कंडीशनर कक्ष में बैठकर आराम फरमाते हैं, उन्हें इससे कोई मतलब नहीं कि लाइनकर्मी किस हाल में है।
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जबलपुर सिटी सर्किल के पुरवा विद्युत केंद्र में कार्यरत आउटसोर्स कर्मी पुष्पेंद्र चढ़ार (उम्र 30 वर्ष) मंगलवार को अधिकारियों के आदेश पर 11 केवी विद्युत लाइन में आए फाल्ट का सुधार कार्य कर रहा था।
इसी दौरान अचानक 11 केवी लाइन में बिजली सप्लाई शुरू होने से आउटसोर्स कर्मी पुष्पेंद्र चढ़ार करंट की चपेट में आ गया और जमीन पर आ गिरा। मौके पर मौजूद अन्य बिजली कर्मियों ने पुष्पेंद्र को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उस मृत घोषित कर दिया।











