शाहपुरा इलाके की एक रिहायशी सोसायटी से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां कुछ लोगों ने आवारा कुत्तों को जानबूझकर ज़हर मिला हुआ खाना खिला दिया। रोज़ की तरह सोसायटी के आसपास रहने वाले पांच स्ट्रीट डॉग्स को किसी ने खाने में ज़हरीला पदार्थ मिलाकर दे दिया, जिसके कुछ ही देर बाद कुत्ते तड़पने लगे।
इस दर्दनाक घटना में चार कुत्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक कुत्ता गंभीर हालत में ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
सुबह सामने आया खौफनाक मंजर
सोसायटी परिसर में मची अफरा-तफरी
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सुबह टहलने निकले लोगों ने सोसायटी परिसर में कुत्तों को तड़पते हुए देखा। कुछ ही देर में चार कुत्तों ने दम तोड़ दिया। यह दृश्य देखकर लोगों के होश उड़ गए। कई निवासी भावुक हो गए तो कई में भारी गुस्सा देखा गया।
लोगों का कहना है कि ये कुत्ते बेहद शांत थे और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते थे। सोसायटी के कई लोग उन्हें रोज़ खाना खिलाते थे।
पुलिस में शिकायत, जांच शुरू
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पशु अधिकार कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि यह पशु क्रूरता का गंभीर मामला है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ज़हर किसने और कैसे मिलाया।
डॉक्टरों की पुष्टि
ज़हर से हुई कुत्तों की मौत
मामले की जांच के लिए पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने साफ तौर पर पुष्टि की कि कुत्तों की मौत ज़हर खाने से हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, खाने में किसी जहरीले पदार्थ को मिलाया गया था, जिससे कुत्तों के शरीर ने कुछ ही समय में काम करना बंद कर दिया।
गंभीर हालत में बचे कुत्ते का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
डॉग लवर्स में भारी आक्रोश
सख्त कार्रवाई की उठी मांग
इस घटना के बाद डॉग लवर्स और पशु प्रेमियों में जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस क्रूरता की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
पशु प्रेमियों का कहना है कि अगर आज बेजुबान जानवरों के साथ ऐसा किया जा सकता है, तो कल इंसानों के साथ भी ऐसी वारदात हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
बेजुबानों पर कब रुकेगी क्रूरता?
कानून के बावजूद सवाल बरकरार
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर बेजुबान जानवरों की जान की कीमत कब समझी जाएगी। कानून मौजूद है, लेकिन जब तक ऐसे मामलों में कड़ी सजा नहीं दी जाएगी, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकेंगी नहीं।
अब देखना यह है कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और क्या दोषियों को उनके किए की सजा मिल पाती है या नहीं।











