जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में नवरात्रि के त्योहार के बीच खुले दूध की कीमतों में एक बार फिर 2 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस वृद्धि के बाद शहर में खुले दूध के दाम 80 से 82 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं। स्थानीय डेयरी संचालकों और घर-घर दूध सप्लाई करने वाले विक्रेताओं द्वारा नई दरें लागू किए जाने से आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना कीमतें बढ़ाई गई हैं और सस्ता दूध मांगने पर उसकी गुणवत्ता की गारंटी नहीं देने की बात कही जा रही है। शहर में सांची के पैकेटबंद दूध के अलावा बड़ी संख्या में लोग स्थानीय डेयरियों और दूधियों पर निर्भर हैं, ऐसे में इस बढ़ोतरी का असर बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों सहित सभी वर्गों पर पड़ रहा है।
गौरतलब है कि जनवरी 2025 में शहर में दूध की कीमत 58 से 60 रुपये प्रति लीटर थी, जो अलग-अलग चरणों में बढ़कर अब 80 से 82 रुपये तक पहुंच गई है। करीब छह महीने पहले भी गर्मी के दौरान चारा और पशु आहार महंगा होने का हवाला देकर दूध के दाम बढ़ाए गए थे। वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि दूध की गुणवत्ता और पानी की मिलावट की जांच को लेकर भी नियमित कार्रवाई होनी चाहिए।
नागरिकों ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर दूध की गुणवत्ता की जांच, कीमतों में हो रही बढ़ोतरी की पड़ताल और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। दूध महंगा होने का असर दही, पनीर, मिठाई और चाय जैसे उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ने की आशंका है। ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।








