शहडोल जिले में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने आंगनवाड़ी स्तर पर नियमित निगरानी और अभिभावकों से संवाद कर पोषण आहार व दवाओं का सेवन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह बच्चों का वजन और लंबाई मापकर रिकॉर्ड संधारित किया जाए। जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति ने पोषण पुनर्वास केंद्रों में उपलब्ध सभी बेडों में चिन्हित बच्चों का दाखिला कराने को कहा है। जिले में कुल 70 बेड के विरुद्ध 56 बच्चे भर्ती हैं। एनआरसी में 14 दिन उपचार, पोषण आहार और अभिभावकों को मजदूरी भुगतान की सुविधा दी जा रही है।











