जबलपुर। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर एक्टिव मोड में नजर आ रहा है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। कहीं हल्की फुहारें पड़ रही हैं तो कहीं तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन रही है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। वहीं कई नदी-नाले भी उफान पर हैं। मौसम विभाग ने आज यानी 8 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।
जबलपुर समेत 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक आज पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, उमरिया, कटनी, जबलपुर, मैहर और मऊगंज जिले में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में करीब 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। वहीं प्रदेश के बाकी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा
बारिश के साथ मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर तक आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
कई मौसमी सिस्टम ने बिगाड़ा मौसम का मिजाज
मौसम में आए इस बदलाव के पीछे एक नहीं बल्कि कई मौसमी सिस्टम सक्रिय बताए जा रहे हैं। उत्तरी मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके चलते वातावरण में नमी बढ़ रही है और बारिश के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसके अलावा मानसून ट्रफ भी सक्रिय है, जिसका असर मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं है। एक इलाके में कुछ घंटों के दौरान तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ दूरी पर सिर्फ हल्की बौछारें देखने को मिल सकती हैं।
बारिश से खेती-किसानी पर भी असर
लगातार बारिश का असर किसानों की फसलों पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में पहले से पर्याप्त नमी मौजूद है, वहां ज्यादा पानी जमा होने से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। खेतों में पानी लंबे समय तक जमा रहने पर फसल की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। खासतौर पर निचले खेतों से अतिरिक्त पानी बाहर निकालने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करना जरूरी है।
बारिश में आम लोगों को भी सावधानी जरूरी
गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। कोशिश करें कि बारिश और आंधी के समय घर के अंदर ही रहें। अगर किसी जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग या कमजोर निर्माण के नीचे खड़े होने से बचें। आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए घर में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देना भी सुरक्षित माना जाता है।
वाहन चलाते समय रखें खास ध्यान
बारिश के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और कई जगह पानी भरने से रास्ते भी साफ नजर नहीं आते। ऐसे में वाहन चालकों को तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बचना चाहिए। वाहन की स्पीड नियंत्रित रखें और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखें। तेज बारिश के दौरान विजिबिलिटी कम होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकना ज्यादा बेहतर है। नदी, नाले या पानी से भरी सड़क को पार करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए।
पशुपालकों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह
आंधी और बिजली गिरने के दौरान पशुओं को खुले मैदान, तालाब, नदी या किसी जल स्रोत के आसपास न छोड़ें। पशुओं को सुरक्षित और संरक्षित शेड में रखें। बिजली गिरने के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधना भी खतरनाक हो सकता है। उनके लिए पर्याप्त पेयजल और सुरक्षित छायादार स्थान की व्यवस्था रखें। मौसम खराब होने की स्थिति में पशुओं को खुले में चरने के लिए भेजने से बचें।
11 सितंबर तक मौसम रह सकता है सक्रिय
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए आने वाले कुछ दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों, किसानों और पशुपालकों को भी मौसम के अपडेट पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं लगातार तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के उफान को देखते हुए सावधानी बेहद जरूरी है।










