Friday, October 23, 2026
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जबलपुर : शहर विकास में कोताही बरतने पर निगमायुक्त ने जारी किए थोक में नोटिस, मचा हड़कम्प

जबलपुर। एमपी के जबलपुर नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने कड़ा रुख अपनाया है।

शहर के विकास और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। निगमायुक्त ने निगम मुख्यालय में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।

इस बैठक में मुख्य रूप से राजस्व, बाजार, पीएम स्वनिधि योजना, उद्यान और सीएम हेल्पलाइन जैसे जनहित से जुड़े विभागों के कामकाज की गहन पड़ताल की गई।

आयुक्त ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि शहर की व्यवस्थाओं में सुधार और राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति के लिए फील्ड वर्क पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय में बैठकर फाइलों का निपटारा करने के बजाय जमीन पर उतरकर समस्याओं का समाधान करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने के मामले को गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त ने 20 कर संग्रहकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इन कर्मचारियों से ड्यूटी में ढिलाई और राजस्व संग्रहण में रुचि न लेने को लेकर जवाब तलब किया गया है।

दफ्तरों में नहीं बैठें, फील्ड में उतरें

निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बाजार और राजस्व विभाग को विशेष लक्ष्य सौंपे हैं।

उन्होंने बाजार अधीक्षक को निर्देशित किया कि वे अपनी पूरी टीम के साथ केवल कार्यालयी कामकाज तक सीमित न रहें बल्कि सीधे कार्यक्षेत्र में उतरकर लंबित वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाएं।

राजस्व वसूली के लिए प्रशासन ने 14 मार्च तक की कड़ी समय सीमा निर्धारित की है।

समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य करें

बैठक के दौरान शहर की सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर उद्यान विभाग की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। निगमायुक्त ने शहर के विभिन्न पार्कों की वर्तमान स्थिति और हरियाली के रखरखाव को लेकर विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पार्कों के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कमी सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होने वाली जनसमस्याओं के निराकरण में तेजी लाने के आदेश दिए गए।

आयुक्त ने कहा कि शिकायतों का निपटारा समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

बैठक में सभी विभागीय प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया। निगम प्रशासन अब फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाकर शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने की दिशा में सक्रिय हो गया है

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