Friday, October 9, 2026
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Ujjain के खड़े हनुमान मंदिर विवाद में बड़ा मोड़ : प्रशासन का बड़ा फैसला- सहमति के बिना नहीं हटेगी प्रतिमा

उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर विवाद में आखिरकार प्रशासन की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। श्रद्धालुओं और विभिन्न हिंदू संगठनों के लगातार विरोध के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना आम सहमति के प्रतिमा को नहीं हटाया जाएगा और लोगों की आस्था व भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मंदिर या प्रतिमा को किसी अन्य स्थान पर स्थापित करने का फैसला संबंधित पक्षों की सहमति के बिना नहीं लिया जाएगा।

बुधवार सुबह से ही खड़े हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही और मंदिर परिसर में लंबी कतारें देखने को मिलीं। बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद समेत कई संगठनों ने मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और प्रतिमा को यथास्थान रखने की मांग उठाई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने लगातार हनुमान जी के जयकारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रशासन को लोगों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और प्रतिमा को हटाने की कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। विरोध और जनभावनाओं के बीच प्रशासन ने बयान जारी कर साफ किया कि किसी भी निर्णय में श्रद्धालुओं की भावनाओं और संबंधित पक्षों की सहमति को प्राथमिकता दी जाएगी।

महामंडलेश्वर गुरुकुल के छात्रों के साथ पहुंचे

आह्वान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानंद महाराज अपने समर्थकों और गुरुकुल के छात्रों के साथ मंदिर पहुंचे। गुरुकुल के छात्रों ने एक स्वर में प्रतिमा के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया। महामंडलेश्वर ने कहा कि खड़े हनुमान 200 वर्षों से यहां है और यही रहेंगे। जिन लोगों को अपनी कुटिल बुद्धि के अनुसार प्रयास करना था उन्होंने कर लिया और हनुमान जी ने खुद जवाब दे दिया है। सभी मशीनरी फेल हो चुकी है। इंजीनियरिंग फेल हो चुकी है। हनुमान जी ने अपना स्वरूप दिखा दिया है हमारा यही कहना है की प्रतिमा को ना छेड़ जाए यहीं रखा जाए।

कांग्रेस के दो MLA ने किया हनुमान चालीसा का पाठ

कांग्रेस के विधायक महेश परमार और दिनेश जैन बॉस अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ रैली के रूप में खड़े हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यकर्ता हाथ में भगवा ध्वज और ढोल नगाड़ों के बीच जय राम के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस के दोनों विधायकों के नेतृत्व में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। कांग्रेस विधायक महेश परमार का कहना है कि हमने खड़े हनुमान के दर्शन किए हैं। हनुमान चालीसा का पाठ किया है। हमारी एक ही मांग है कि जनता जनार्दन की धार्मिक भावना का ध्यान रखा जाए। भावना को ठेस नहीं पहुंचाई जाए। जनता नहीं चाहती है की प्रतिमा हटें। संभाग आयुक्त , एसपी, कलेक्टर, निगम आयुक्त सभी नोसिखिये अधिकारी हैं। सभी हनुमान अंश मूवी देखें। इस मूवी में बताया गया है कि यदि भावना आहत होती है तो अमंगल होता है नाश होता है।

कांग्रेस विधायक दिनेश जैन का कहना है कि प्रशासन और सरकार लोगों को गुमराह कर रही है । प्रतिमा हटाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। इनका उद्देश्य क्या है। क्या यह दंगा फैलाना चाहते हैं। हम इस कार्रवाई का विरोध करेंगे। हमने हनुमान चालीसा का पाठ किया है। हनुमान जी की प्रतिमा नहीं हटनी चाहिए।

जिला प्रशासन ने प्रेस नोट जारी किया

एसडीएम एलएन गर्ग ने कहा कि खड़े हनुमान जी से जुड़े मामले में प्रशासन सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों की भावनाओं व आस्था का पूर्ण सम्मान करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पक्षों की भावनाओं को ध्यान में रखे बिना कोई भी निर्णय या कदम नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उज्जैन की धार्मिक आस्था, परंपरा और विरासत का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन श्रद्धालुओं और विशेषज्ञों के साथ संवाद कर ऐसा समाधान निकालने का प्रयास करेगा, जिस पर सभी पक्षों की सहमति हो।

दरअसल, उज्जैन के कंठाल चौराहा से छत्रीचौक मार्ग के चौड़ीकरण की जद में आ रही खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को शिफ्ट करने का प्रयास किया गया था, लेकिन प्रशासन को इसमें सफलता नहीं मिली। पिछले गुरुवार रात करीब 11 बजे नगर निगम के अमले ने प्रतिमा को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। मामले की जांच के लिए पुरातत्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, हालांकि अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी बीच श्रद्धालुओं और विभिन्न संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आगे की कार्रवाई सभी पक्षों की भावनाओं और सहमति को ध्यान में रखकर ही की जाएगी।

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