Friday, October 23, 2026
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MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून, 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल रही थी, लेकिन अब मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय हुए मजबूत मौसम सिस्टम के कारण अगले तीन दिनों तक कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

इसके चलते रीवा, बालाघाट समेत 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 4 से 8 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है।

बारिश के इस नए दौर को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। कई जिलों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लोगों से भी मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है।

14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना सबसे अधिक है। रीवा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और आसपास के जिलों में तेज बारिश का असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं लगातार मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रही हैं। इसके साथ ही एक सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम भी प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रहा है। यही वजह है कि कई इलाकों में एक साथ तेज बारिश की स्थिति बन रही है।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और नदी, नाले तथा पुल-पुलियों के आसपास जाने से बचें।

अगले तीन दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि प्रदेश में बारिश की गतिविधियां केवल मंगलवार तक सीमित नहीं रहेंगी। 19 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश हो सकती है और स्थानीय स्तर पर जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।

इसके बाद 20 अगस्त को पूरे मध्य प्रदेश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। यलो अलर्ट के तहत सामान्य से अधिक बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। हालांकि यह स्थिति ऑरेंज अलर्ट जितनी गंभीर नहीं होती, लेकिन फिर भी लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।

इसके अलावा मौसम विभाग ने किसानों को भी सलाह दी है कि वे खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें।

सतना में मंदाकिनी नदी उफान पर, SDRF तैनात

लगातार हो रही बारिश का असर सतना जिले में साफ दिखाई देने लगा है। चित्रकूट क्षेत्र से होकर बहने वाली मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में आई बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF की टीम को मौके पर तैनात किया गया है। साथ ही नदी किनारे और प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि कोई भी व्यक्ति जोखिम वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और नदी किनारे जाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो जलस्तर और बढ़ सकता है।

इंदौर में अगस्त के दौरान कमजोर रहा मानसून

जहां पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर तेज हो रहा है, वहीं पश्चिमी हिस्सों में स्थिति कुछ अलग रही है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अगस्त महीने के दौरान मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।

हालांकि इस सीजन में अब तक शहर में लगभग 18 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, लेकिन अगस्त में अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है। इसके कारण कई जलाशयों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून सीजन अभी समाप्त नहीं हुआ है। प्रदेश में मानसून के लगभग 44 दिन शेष हैं और यदि आने वाले दिनों में सक्रिय मौसम सिस्टम बना रहा तो इंदौर सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में भी अच्छी बारिश हो सकती है।

किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से नदी, नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। वहीं वाहन चालकों को भी खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और बिजली कड़कने के दौरान खुले क्षेत्रों में काम न करने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकता है बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम का प्रभाव अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। यदि यह सिस्टम और मजबूत होता है तो प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।

ऐसे में मध्य प्रदेश के लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। साथ ही प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और सुरक्षा निर्देशों का पालन करना भी बेहद जरूरी होगा। आने वाले 48 से 72 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं, क्योंकि इसी दौरान भारी बारिश और उससे जुड़े प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल सकते हैं।

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