MP Weather : मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश में बने नए मानसूनी सिस्टम, ट्रफ लाइन (द्रोणिका) और बंगाल की खाड़ी व आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ वज्रपात की संभावना है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
किस कारण से हो रही बारिश की रफ्तार तेज –
मौसम विभाग के अनुसार , उत्तर-पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय होने से नमी आ रही है. इन तीनों सिस्टमों के एक साथ असर दिखाने से मालवा, निमाड़, महाकौशल और चंबल अंचल में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं.
इन-इन जिलों में भारी बारिश की संभावना रहेगी –
मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, देवास और हरदा जिलों में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है [02:20]. इन क्षेत्रों में 24 घंटों के दौरान 100 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है.
पिछले 24 घंटों में हुई कितनी बारिश दर्ज –
बीते 24 घंटों में प्रदेश के शिवपुरी जिले के खनियांधाना में सर्वाधिक 160 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई [06:42]. इसके अलावा पिछोर (80 मिमी), कोलारस (78 मिमी), नरसिंहपुर (75 मिमी), बदरवास (75 मिमी), तेंदूखेड़ा (72 मिमी) और श्योपुर (71 मिमी) में भी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है.
मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर दी चेतावनी –
को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. नदी-नालों के उफान पर रहने के कारण आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले में न रहने और पेड़ के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है. आने वाले 12 से 14 अगस्त तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई गई है.


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