रेल यात्रा के दौरान एक नौ माह की गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। मुश्किल वक्त में परिवार ने रेल मदद 139 के जरिए सूचना दी, जिसके बाद जबलपुर मंडल के कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाल लिया। ट्रेन के सतना स्टेशन पहुंचने से पहले ही महिला के लिए जरूरी इंतजाम कर दिए गए थे।
रेलवे कर्मचारियों की तत्परता के चलते महिला को सुरक्षित ट्रेन से उतारकर एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया कि आपात स्थिति में रेल मदद 139 यात्रियों के लिए कितनी अहम साबित हो सकती है।
ट्रेन में अचानक बिगड़ी महिला की तबीयत
ट्रेन नंबर 11055 के B1 कोच की बर्थ नंबर 66 पर 27 वर्षीय रेशमा अपने परिजनों के साथ कल्याण से मोहम्मदाबाद की यात्रा कर रही थीं। वह नौ माह की गर्भवती थीं। सफर के दौरान अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होती देख रेलवे को इसकी सूचना रेल मदद 139 के माध्यम से दी गई। सूचना मिलते ही जबलपुर मंडल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सतना स्टेशन पर महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी।
सतना स्टेशन पहुंचने से पहले तैयार था पूरा इंतजाम
रेल मदद के जरिए सूचना मिलते ही सतना स्टेशन के उप स्टेशन प्रबंधक वाणिज्य सक्रिय हो गए। महिला को ट्रेन से उतारने और सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने के लिए स्टेशन पर जरूरी व्यवस्था की गई। कुलियों की मदद से व्हीलचेयर तैयार रखी गई, ताकि ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही महिला को बिना परेशानी के बाहर निकाला जा सके। रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति को देखते हुए पहले से ही एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली थी।
प्लेटफॉर्म पर उतरते ही अस्पताल के लिए रवाना
ट्रेन के सतना स्टेशन पहुंचने पर महिला को उनके परिजनों के साथ सावधानीपूर्वक ट्रेन से उतारा गया। इसके बाद उन्हें व्हीलचेयर की मदद से प्लेटफॉर्म नंबर 2 से प्लेटफॉर्म नंबर 1 तक सुरक्षित पहुंचाया गया।
यहां एंबुलेंस क्रमांक MP 19 GA 4712 पहले से मौजूद थी। महिला को बिना किसी देरी के एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय, सतना भेज दिया गया, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सके।
संकट की घड़ी में रेलवे बना सहारा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात रेलवे कर्मचारियों का त्वरित समन्वय रहा। सूचना मिलने से लेकर महिला को अस्पताल भेजने तक हर स्तर पर तेजी से कार्रवाई की गई।
यात्रा के दौरान अचानक आई इस परेशानी के बीच महिला के परिजनों के लिए भी यह बड़ी राहत की बात रही कि रेलवे ने समय रहते मदद पहुंचाई। जबलपुर मंडल की यह पहल यात्री सेवा के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण भी बनी।
Rail Madad 139 से मिलती है मदद
रेलवे यात्रियों की शिकायत, सहायता और आपात जरूरतों के लिए रेल मदद 139 सेवा उपलब्ध कराता है। इस मामले में भी इसी माध्यम से सूचना मिलने के बाद जबलपुर मंडल ने तत्काल कार्रवाई की। रेलवे की ओर से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
ट्रेन में सफर के दौरान किसी यात्री को अचानक चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ने पर समय पर सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इस घटना ने दिखाया कि सही समय पर मिली सूचना और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता किसी यात्री के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है।

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