रीवा। एमपी के रीवा स्थित मनगवां थाना में एनडीपीएस की कार्यवाई के नाम पर एक महिला के सोने के जेवर हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने जब्त की गई सोने की चेन व अंगूठी को न तो रिकॉर्ड में दर्ज किया और न ही मालखाने में जमा कराया। पीडि़त महिला का वीडियो वायरल होने के बाद आईजी गौरव राजपूत ने एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी (कार्यवाहक निरीक्षक) सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
खबर है कि पुलिस ने बारात से लौट रहे कुछ युवकों को पकड़ा और थाना लेकर आ गई। पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट व 5/13 औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई बताई थी। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने एक महिला की सोने की चेन और अंगूठी अपने पास रख ली।
इन जेवरों का इस पूरे मामले या अपराध से कोई सीधा संबंध नहीं था। इस घटना के बाद पीडि़त महिला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इस वीडियो में महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए पुलिस द्वारा जेवर वापस न देने की शिकायत दर्ज कराई। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ तो मामले ने तूल पकड़ लिया और वरिष्ठ अधिकारियों तक यह खबर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी के निर्देश पर जांच कराई गई।
जांच में कार्यवाहक निरीक्षक गजेंद्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव व आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार का आचरण प्रथम दृष्टया भ्रष्ट और संदिग्ध पाया गया। यह साबित हुआ कि ज्वेलरी जब्त करने के बाद उसकी विधिवत बरामदगी रिकॉर्ड में नहीं दर्शाई गई। इसके बाद रीवा आईजी गौरव राजपूत ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।











