Monday, June 15, 2026
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पंचतत्‍व में विलीन हुए उपमुख्यमंत्री अजित पवार, रो पड़ीं सुप्रिया सुले

बुधवार को महाराष्ट्र और देश की राजनीति उस समय शोक में डूब गई जब उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का एक विमान हादसे में निधन हो गया। वह बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल हैं।

राज्य सरकार ने इस दुखद घटना के बाद तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।


प्रभावशाली नेता का अचानक जाना

महाराष्ट्र की राजनीति में अपूरणीय क्षति

महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले अजित पवार को राज्य की राजनीति का एक प्रभावशाली और निर्णायक नेता माना जाता था। उनकी पहचान एक स्पष्टवादी, तेज़ फैसले लेने वाले और प्रशासनिक रूप से दक्ष नेता के रूप में थी।

उनके अचानक निधन से न केवल एनसीपी बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।


राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

शीर्ष नेतृत्व की श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अजित पवार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार से फोन पर बात कर संवेदना प्रकट की।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा,

“बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से बेहद आहत हूं। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस कठिन समय में उन्हें शक्ति और साहस मिले।”

प्रधानमंत्री ने अजित पवार को जनता से जुड़ा नेता बताते हुए कहा कि प्रशासनिक मामलों की उनकी गहरी समझ और कमजोर वर्गों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय रही।


राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

जांच के आदेश, परिवार के साथ खड़ी सरकार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे को महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पवार परिवार के साथ खड़ी है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे की जांच के आदेश दिए और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भावुक होते हुए उन्होंने कहा,

“हम महाराष्ट्र की प्रगति के लिए एक टीम के रूप में काम कर रहे थे। उनके जाने से न सिर्फ टीम का एक अहम हिस्सा खो गया है, बल्कि मैंने अपने बड़े भाई को भी खो दिया है।”

एनसीपी (एसपी) सांसद और अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले भी परिवार के सदस्यों के साथ शोक में डूबी नजर आईं।


लंबा राजनीतिक सफर

कई सरकारों में निभाई अहम भूमिका

अजित पवार ने विभिन्न सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी। इनमें पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारें शामिल हैं। उन्होंने सांसद के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई और पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।

एनसीपी ने दिल्ली स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय में शोकसभा का आयोजन किया, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।


विपक्षी दलों ने भी जताया दुख

निष्पक्ष जांच की मांग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। खरगे ने हादसे को अस्वाभाविक बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि छोटे विमानों से यात्रा करने वाले नेताओं और उद्योगपतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी इस घटना की उचित जांच की मांग करते हुए सोशल मीडिया पर संवेदनाएं व्यक्त कीं।


“राजनीतिक रंग न दिया जाए”

शरद पवार की अपील

इस बीच शरद पवार ने लोगों से अपील की कि इस दुखद घटना को राजनीतिक रंग न दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह एक दुर्घटना है और राजनीति को इससे दूर रखा जाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी किसी साजिश की आशंका को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।


परिवार और समर्थकों में शोक

पूरे राज्य में श्रद्धांजलि

अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से आते थे। समर्थकों के बीच उनकी छवि एक ऐसे नेता की थी जो जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझता और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहता था।

वे अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटों को छोड़ गए हैं। राज्यभर में शोक की लहर है और राजनीतिक, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें राज्य और केंद्र के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

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