संसद ने ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दे दी है। सरकार के मुताबिक यह कदम युवाओं को सुरक्षित रखने और इस पर तेजी से बढ़ रहे क्षेत्र को नियंत्रण में लाने के लिए जरूरी है।
बिल पास होने के बाद से उन परिवारों में राहत महसूस की जा रही है, जिनकी जिंदगी ऑनलाइन गेमिंग की वजह से प्रभावित हुई है। ऐसी ही एक खबर है हाथरस जिले के रहने वाले सुनील कुमार की। जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग की वजह से अपनी जान गंवा दी। सुनील ने चार अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेकर गेमिंग ऐप्स में पैसा लगाया। शुरुआत में सुनील को 13 लाख रुपये जीतने का लालच मिला, लेकिन जब पैसे निकालने की बारी आई तो ऐप ने ऐसी शर्तें रख दीं जिन्हें पूरा करना नामुमकिन था। निराश और कर्ज से टूटे सुनील ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।
ऑनलाइन गेमिंग बिल पर समाज के अलग-अलग वर्गों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। बिल पर समाज के अलग-अलग वर्गों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। हाथरस सीओ योगेन्द्र कृष्ण नारायण का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग से बच्चों को गलत दिशा में ले जाया जा रहा था इससे उनका आर्थिक संसाधनों का दोहन भी हो रहा था। उन्हें इसकी लत भी लग रही थी अब ऑनलाइन गेमिंग को लेकर जो बिल आया है इससे बच्चों की गेमिंग की लत को दूर करने और उन्हें नियंत्रित करने में काफी सहायक होगा और हमें भी इसे सुनियोजित तरीके से नियंत्रित करने में यह बेहतर विकल्प होगा।











