Saturday, October 17, 2026
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ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता पर रेलवे सख्त, IRCTC और QCI में समझौता; 24 घंटे में मिलेगी जियो-टैग रिपोर्ट

नई दिल्ली. रेल यात्री वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी हो या फिर लंबी दूरी की अन्य ट्रेन, यात्री अक्सर खाने की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर शिकायत करते हैं. इसके लिए कई कदम उठाने के बाद भी शिकायत दूर नहीं हो रही है. इस कारण अब ट्रेनों में खानपान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के साथ समझौता किया है.

1453 ट्रेनों में खानपान सेवा की निगरानी

आईआरसीटीसी द्वारा रेलवे स्टेशनों के साथ ही वंदे भारत, राजधानी, तेजस सहित 1453 ट्रेनों में खानपान सेवा उपलब्ध कराई जाती है. वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में 60 करोड़ से अधिक थाली परोसी गई. प्रतिदिन लगभग 18 लाख थाली वितरित की जाती है. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को स्वच्छ व गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना चुनौती भरा काम है. वर्ष 2024-25 में खानपान को लेकर 6645 शिकायतें मिली थीं.

पिछले तीन वर्षों में दोषी सेवा प्रदाताओं पर कुल 2.6 करोड़ से अधिक जुर्माना लगाया गया. 1300 से अधिक मामलों में जुर्माना किया गया. 2995 मामलों में कैटरर्स को सख्त चेतावनी जारी करने के साथ ही 1500 से अधिक मामलों में सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए गए.

एआई कैमरों से रसोई पर नजर

इस तरह की शिकायतों को दूर करने के लिए आईआरसीटीसी ने एआई आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित की है. इसके अंतर्गत आठ सौ से अधिक रसोई घरों को एआई आधारित 23 से अधिक कैमरों से जोड़ा गया है. वहीं, नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित आईआरसीटीसी के मुख्यालय में वार रूम तैयार किया गया है, जहां से पूरे देश के रसोई घरों पर नजर रखी जाती है. इनसे रसोई की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जाती है. अब थर्ड पार्टी ऑडिट से खाना बनाने से लेकर यात्री तक परोसने की प्रक्रिया में और सुधार होने की उम्मीद है. इसके अंतर्गत आईआरसीटीसी द्वारा प्रबंधित ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर स्थित खानपान इकाइयों की निगरानी होगी.

हर तीन और छह महीने में होगा निरीक्षण

क्यूसीआई प्रत्येक ट्रेन और स्टेशन की त्रैमासिक और अर्ध-वार्षिक निरीक्षण की व्यवस्था स्थापित करेगा. इसके लिए प्रशिक्षित पेशेवरों की तैनाती होगी. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के वैधानिक नियमों और अंतरराष्ट्रीय पाक मानकों के आधार पर ऑडिट होगा.

डिजिटल साक्ष्य के साथ 24 घंटे में रिपोर्ट

आंकड़ों से छेड़छाड़ रोकने और ऑडिट प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल आधारभूत ढांचे का उपयोग होगा. निरीक्षक अनिवार्य जियो-टैगिंग, टाइम-स्टैम्पिंग और फोटोग्राफिक साक्ष्य वाली एक विशेष मोबाइल एप का उपयोग करेंगे. डिजिटल साक्ष्य के साथ 24 घंटे के अंदर निरीक्षण की रिपोर्ट देनी होगी, जिससे कि तत्काल सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई हो सके.

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