Friday, April 24, 2026
Homeराष्ट्रीयमोदी कैबिनेट ने भारतीय रेलवे में 18,658 करोड़ की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं...

मोदी कैबिनेट ने भारतीय रेलवे में 18,658 करोड़ की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को दी मंजूरी

नई दिल्ली (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 18,658 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली रेल मंत्रालय की चार परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। तीन राज्यों महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों को कवर करने वाली ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 1247 किलोमीटर तक बढ़ा देंगी।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र (एनएमसी) में पत्रकारों को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि आज जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है उनमें संबलपुर-जरापदा तीसरी और चौथी लाइन, झारसुगुड़ा-सासोन तीसरी और चौथी लाइन, खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा 5वीं और 6वीं लाइन और गोंदिया-बल्हारशाह दोहरीकरण शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का परिणाम हैं। यह एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हो पाया है और लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई लाइन क्षमता से गतिशीलता में सुधार होगा। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को आसान बनाएंगे और भीड़भाड़ को कम करेंगे।

वैष्णव ने कहा कि इन परियोजनाओं के साथ 19 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों (गढ़चिरौली और राजनांदगांव) की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 3350 गांवों और लगभग 47.25 लाख आबादी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि खरसिया-परमलकासा रेलवे प्रोजेक्ट से छत्तीसगढ़ में वंदेभारत, मेल और एक्सप्रेस आदि नई ट्रेनों की मांग पूरी हो सकेगी। यह 8741 करोड़ रुपये की परियोजना है। इसमें 21 स्टेशन, 48 ब्रिज, 349 छोटे ब्रिज, 14 फ्लाईओवर, 184 अंडरपास, 5 रेल फ्लाईओवर (रेल पटरी के ऊपर से दूसरी पटरी) हैं। पूरे रेल नेटवर्क पर भीड़ कम करने के मद्देनजर यह बहुत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। उन्होंने कहा कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा मार्ग से बलौदा बाजार जैसे नए क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, इससे क्षेत्र में सीमेंट संयंत्रों सहित नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं बनेंगी।

Related Articles

Latest News