मध्य प्रदेश के सेठ गोविंद जिला चिकित्सालय जबलपुर में लगभग 70 लाख रुपए क़ीमत की अत्याधुनिक ओसीटी मशीन का आज विधिवत लोकार्पण किया गया। इस ओसीटी मशीन की स्थापना से आंखों से जुड़ीं जटिल बीमारियों का उपचार भी अब जबलपुर के जिला अस्पताल विक्टोरिया के नेत्र रोग विभाग में हो सकेगा।
ओसीटी मशीन रेटिना से जुड़ी बीमारियां जैसे कि मधुमेह के चलते रेटिना खराब होना, परदे में छेद या सूजन, कांचियाबिंद आदि के डायग्नोस में अहम भूमिका निभाएगी। इस मशीन के अभाव में रेटिना से जुड़ी बीमारियों को पता लगाना कठिन था, जिसके चलते मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता था। ओसीटी मशीन के शुरू होने से मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
रोजाना 4 से 5 मरीजों को जांच की जरूरत
नेत्र रोग विशेषज्ञ तथा प्रभारी नेत्ररोग विभाग डॉ. तरुण अहरवाल ने बताया विभाग में रोजाना 4-5 मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें ओसीटी मशीन से जांच की जरूरत पड़ती है। मशीन न होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता था। इसके अलावा पीजी डिप्लोमा कोर्स (आप्थाल्मालॉजी) भी संचालित है, जिसके प्रायोगिक ज्ञान के लिए भी मशीन सहायक है। मशीन के लिए बीते 2 वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे, जिसके बाद यह सौगात मिली है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश का यह पहला जिला अस्पताल है, जहां ओसीटी मशीन स्थापित की गई है। ओसीटी मशीन के शुरू होने से मरीजों की रेटिना की एडवांस जांच अब नेत्र रोगियों को निःशुल्क उपलब्ध होगी और नेत्र रोगों की सटीक जानकारी मिलेगी।











