राज्य वन अनुसंधान संस्थान-एसएफआरआई जबलपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-आईआईटी इंदौर के बीच एमओयू हुआ है। इसका मुख्य उद्देश्य एआई आधारित प्रारम्भिक चेतावनी प्रणाली विकसित करना है। इससे सतपुड़ा -मेलघाट कॉरिडोर में रेल ट्रैक पर बाघ, तेंदुआ, हिरण जैसे वन्यप्राणियों के टकराने की घटनाओं को रोका जा सकेगा।
वन्य जीवों को बचाने मध्यप्रदेश वन विभाग ने इटारसी से नागपुर तक प्रस्तावित तृतीय रेलवे लाइन के विस्तार से सतपुड़ा मेलघाट कॉरिडोर एवं सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व के ईको-सेंसेटिव जोन पर पड़ने वाले संभावित नकारात्मक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए गंभीर पहल की है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने राज्य वन अनुसंधान संस्थान (एसएफआरआई) जबलपुर को रेलवे लाइन विस्तार हेतु मिटिगेशन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे प्राधिकरण को भी यह स्पष्ट कर दिया गया है कि आगे की कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार की जायेगी। इसी संदर्भ में यह एमओयू किया गया है। एसएफआरआई जबलपुर और आईआईटी इंदौर मिलकर वन्यजीव संरक्षण को और अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने के लिए एआई आधारित प्रणाली विकसित कर रहे हैं।
एमओयू के अवसर पर एसएफआरआई जबलपुर के संचालक श्री प्रदीप वासुदेव और वैज्ञानिक डॉ. अनिरुद्ध मजूमदार और आईआईटी इंदौर के संचालक श्री सुहास एस. जोशी, डीन श्री अभिरुप दत्त और सह-प्राध्यापक डॉ. सौरभ दास उपस्थित रहे।











