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MP Weather Update: कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी, मौसम ने दिखाए दो रंग

MP Weather Update : मध्य प्रदेश में 8 जून 2026 को मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक ओर प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी जिलों—बड़वानी, मंडला, डिंडोरी, शहडोल और अनूपपुर सहित कई क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जहां गरज-चमक, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के साथ तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून के लगभग 20 जून के आसपास प्रवेश करने की संभावना है, तब तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी और कई क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बार-बार बदलता रहेगा। ऐसे में लोगों को गर्मी के साथ-साथ अचानक होने वाली बारिश और तेज हवाओं के प्रति भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

MP Weather Update : प्री-मानसून गतिविधियों का असर रहेगा कुछ राहत भरा –

जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने की संभावना है। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच धूप और बादलों की लुकाछिपी देखने को मिलेगी। प्री-मानसून गतिविधियों के प्रभाव से दोपहर बाद या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे मौसम में कुछ राहत महसूस होगी। हालांकि दिन का अधिकतम तापमान करीब 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जिससे गर्मी और उमस का असर बना रहेगा।

हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। रात के समय तापमान में हल्की गिरावट आएगी, लेकिन मौसम पूरी तरह से राहत देने वाला नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बाहर निकलते समय पानी की बोतल, छाता या रेनकोट साथ रखें, क्योंकि मौसम कभी भी करवट ले सकता है और अचानक बारिश की स्थिति बन सकती है।

MP Weather Update : मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है-

गरज-चमक, तेज हवाओं और संभावित बारिश के दौरान किसानों को खेतों में खुले स्थानों पर काम करने से बचना चाहिए तथा खराब मौसम की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी चाहिए। वर्तमान में प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल शुरुआती बारिश या बूंदाबांदी को देखकर खरीफ फसलों की बुवाई शुरू न करें।

खेतों में पर्याप्त और स्थायी नमी बनने तथा नियमित बारिश का दौर शुरू होने के बाद ही बुवाई का निर्णय लेना अधिक लाभदायक रहेगा।

पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका के दौरान मवेशियों को पेड़ों के नीचे न बांधें, बल्कि उन्हें सुरक्षित और पक्के आश्रय स्थलों में रखें।

वहीं जिन खेतों में सब्जियां या अन्य तैयार फसलें मौजूद हैं, वहां जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि बारिश का पानी खेतों में जमा होकर फसलों को नुकसान न पहुंचाए।

किसानों को अपने जिले और ब्लॉक स्तर पर जारी मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने तथा कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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