MP में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को अब राहत मिलने लगी है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया।
हालांकि फिलहाल मानसून की गतिविधियां थोड़ी धीमी हैं, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश का दौर फिर तेज हो सकता है। इसी को देखते हुए मंगलवार, 21 जुलाई 2026 के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को भिंड, मुरैना, कटनी और दमोह जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है। इसके अलावा तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। यदि जरूरी न हो तो खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।
अधिकांश जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान
भारी बारिश वाले जिलों के अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भी मौसम बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक कई जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। हालांकि तेज हवा और बिजली गिरने की घटनाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। इसलिए मौसम विभाग लगातार अपडेट पर नजर रखने की सलाह दे रहा है।
इन तीन जिलों में मौसम रहेगा सामान्य
जहां प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिलेगा, वहीं नीमच, मंदसौर और रतलाम में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। इन जिलों में फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून के बदलते स्वरूप को देखते हुए पूर्वानुमान में बदलाव भी हो सकता है। इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
लोगों के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए आम नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। सबसे पहले, गरज-चमक के दौरान घर के अंदर ही रहने की कोशिश करें। यदि किसी कारण बाहर जाना पड़े तो पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहें। इसके अलावा बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देना सुरक्षित रहेगा।
वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बारिश और तेज हवा के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखें। वहीं खेतों, खुले मैदानों और निर्माण स्थलों पर काम करने से भी बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि कंक्रीट की दीवारों का सहारा लेने या कंक्रीट फर्श पर लेटने से बचें, क्योंकि आकाशीय बिजली के दौरान यह जोखिम बढ़ा सकता है।
पशुपालकों के लिए भी जारी हुई एडवाइजरी
बारिश और आंधी-तूफान को देखते हुए पशुपालकों के लिए भी विशेष सलाह जारी की गई है। विभाग ने कहा है कि पशुओं को खुले मैदान, नदी, तालाब या अन्य जल स्रोतों के आसपास न छोड़ें। रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित और मजबूत शेड में रखें। इसके साथ ही दोपहर के समय अधिक गर्मी होने पर उन्हें खुली चराई के लिए न भेजें।
पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था करना भी जरूरी बताया गया है। वहीं आकाशीय बिजली और तेज तूफान के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधने से बचने की सलाह दी गई है। इससे दुर्घटना का खतरा कम किया जा सकता है।
आने वाले दिनों में फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल मानसून कुछ कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहेगी। बंगाल की खाड़ी और आसपास के सिस्टम सक्रिय होने पर मध्य प्रदेश में फिर अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
ऐसे में अगले कुछ दिनों में कई जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।











