Saturday, July 25, 2026
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sanvida karmchariyon के नियमितीकरण में भेदभाव का आरोप, तकनीकी कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज

sanvida karmchariyon : जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग द्वारा दिनांक 01.06.2026 को जारी नवीन नियुक्ति योजना में समान संविदात्मक स्थिति में कार्यरत कर्मचारियों के साथ किए गए कथित भेदभाव को लेकर म.प्र. विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव  हरेंद्र श्रीवास्तव ने ऊर्जा विभाग को पत्र लिखकर मांग की है कि कार्यालय सहायक श्रेणी-3 (संविदा) कर्मचारियों के बीच नियमित नियुक्ति योजना में किसी प्रकार का असमान व्यवहार न किया जाए।

संघ के अनुसार, वर्ष 2016-17 के दौरान संगठनात्मक संरचना में नियमित रिक्त पद उपलब्ध नहीं होने के कारण अनुकंपा नियुक्तियां तथा वर्ष 2017 में खुली प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से की गई सीधी भर्ती—दोनों ही संविदा आधार पर की गई थीं।

अर्थात दोनों वर्गों की संविदात्मक नियुक्ति का मूल कारण नियमित पदों का अभाव था। इसके बावजूद नवीन नियुक्ति योजना में केवल अनुकंपा आधार पर नियुक्त संविदा कर्मचारियों को समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जबकि खुली प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से नियुक्त कार्यालय सहायक श्रेणी-3 (संविदा) कर्मचारियों को योजना से बाहर रखा गया है।

प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग द्वारा वर्ष 2017 में कार्यालय सहायक श्रेणी-3 (संविदा) पदों पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था, जिसमें चयन पूर्णतः खुली प्रतियोगी परीक्षा, मेरिट एवं कठोर पात्रता मानकों के आधार पर किया गया था। भर्ती के लिए स्नातक, एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा तथा मध्यप्रदेश शासन द्वारा मान्यता प्राप्त CPCT परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य था।

संघ का कहना है कि वर्तमान में दोनों वर्ग संविदा सेवा (अनुबंध तथा सेवा शर्तें) नियम, 2023 के अंतर्गत समान अनुबंध, समान पद, समान कार्य, समान वेतन एवं समान सेवा शर्तों पर कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में केवल नियुक्ति के स्रोत के आधार पर एक वर्ग को नियमित नियुक्ति योजना का लाभ देना तथा दूसरे वर्ग को उससे वंचित रखना कर्मचारियों में असंतोष एवं निराशा की भावना उत्पन्न कर रहा है।

शेष कर्मचारियों का कहना है कि नियुक्ति के उपरांत सभी कर्मचारी समान संविदात्मक सेवा शर्तों के अधीन कार्य करते हैं। ऐसी स्थिति में समान पद, समान कार्य, समान वेतन एवं समान सेवा शर्तों के बावजूद केवल नियुक्ति के आधार पर नियमित नियुक्ति योजना का लाभ सीमित करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।

कर्मचारियों ने शासन से मांग की है कि समान संविदात्मक स्थिति में कार्यरत सभी कार्यालय सहायक श्रेणी-3 (संविदा) कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्रदान करते हुए नवीन नियुक्ति योजना का लाभ दिया जाए।

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