नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती, लचीलेपन और तेज विकास दर की जमकर सराहना की है। IMF के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों के बीच भी भारत ने अपनी विकास गति को मजबूती से बनाए रखा है। मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। यही वजह है कि IMF ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख ‘ग्रोथ इंजन’ के तौर पर रेखांकित किया है।
पहली तिमाही में 7.8% रही जीडीपी ग्रोथ
चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में देश की वास्तविक जीडीपी (Real GDP) वृद्धि दर 7.8% दर्ज की गई है. यह दर बाजार विश्लेषकों और वैश्विक वित्तीय संस्थाओं द्वारा लगाए गए शुरुआती अनुमानों से कहीं अधिक और बेहतर साबित हुई है.
सर्विस सेक्टर और निर्यात से मिला बड़ा सहारा
आईएमएफ की प्रवक्ता जूली कोजाक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की इस उपलब्धि को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि देश के सर्विस सेक्टर में आई तेज बढ़त और मजबूत एक्सपोर्ट परफॉर्मेंस ने इस विकास दर को नई गति देने में अहम भूमिका निभाई है.
दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बना भारत
जूली कोजाक के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर ईंधन की आसमान छूती कीमतों और अन्य आर्थिक व्यवधानों के बाद भी 7.8% की ग्रोथ हासिल करना भारत की मजबूत बुनियादी आर्थिक स्थिति को दर्शाता है. जहां कई विकसित देश इस वक्त आर्थिक मंदी और सुस्ती का सामना कर रहे हैं, वहीं भारत विश्व अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाले सबसे अहम केंद्र के रूप में उभरा है.








