जबलपुर में भगवान श्रीगणेश के अनेक सिद्ध मंदिर हैं, जिनमें रामपुर के एमपीईबी परिसर में स्थित गणेश मंदिर की बड़ी महिमा है। यहां भगवान श्रीगणेश सौम्य रूप में रिद्धि-सिद्धि के साथ विराजमान हैं।
लगभग 65 वर्ष पूर्व स्थापित किये गये इस गणेश मंदिर में विराजमान विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां विराजमान विघ्नहर्ता श्रीगणेश अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।

जानकारी के अनुसार नागपुर से विद्युत मण्डल का मुख्यालय जबलपुर स्थानांतरित किया गया तब रामपुर में मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। उस समय एक ठेकेदार गणेश प्रसाद दीक्षित ने पहाड़ी के ऊपर एक गणेश मूर्ति की स्थापना इस उद्देश्य से की कि निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरे हो जाएं।
मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल के निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपरांत तत्कालीन चेयरमेन श्रीनाथ मेहता आईसीएस ने 1960 में मंदिर का स्वरूप देने के लिए शिलान्यास किया।
कालांतर में यह गणेश मंदिर जबलपुर के मराठी समाज में एक सिद्ध मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुआ। गणेशोत्सव में पूरा मराठी समाज इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आने लगा और बाद में जबलपुरवासी यहां आने लगे।











