मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मैहर आरएएसटीसी में ठेका कंपनी उर्मिला के माध्यम से पदस्थ आउटसोर्स कर्मी शिव प्रसाद कुशवाहा उम्र 39 वर्ष को 21 नवंबर 2024 को पूर्व क्षेत्र कंपनी के जूनियर इंजीनियर के द्वारा उपभोक्ताओं की सर्विस लाइन सीमेंट के जर्जर पोल से काट कर नए पोल से जोड़ने का कार्य दिया गया था।
बिजली कंपनी के अधिकारी के आदेश पर आउटसोर्स कर्मी सप्लाई बंद करके सीमेंट के जर्जर पोल पर चढ़कर सर्विस लाइन काट रहा था, तभी जर्जर पोल टूट गया। जिससे आउटसोर्स कर्मी शिव प्रसाद जमीन पर आ गिरा, ऊंचाई से गिरने के कारण लाइन कर्मी बुरी तरह घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए जबलपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था, जहाँ जाँच में डॉक्टर ने उसके सिर, कूल्हे की हड्डी एवं पीठ की पसली में फैक्चर बताया था। आउटसोर्स कर्मी 41 दिन अस्पताल में भर्ती रहा और इलाज में 5 लाख 80 हजार रुपये खर्च हुए।
इलाज के बिल जमा करने पर ठेका कंपनी उर्मिला इंटरनेशनल सर्विस प्राइवेट के द्वारा शिव प्रसाद को सिर्फ 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई, बाकि की राशि देने से साफ़ इंकार कर दिया, वहीं पूर्व क्षेत्र कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि आउटसोर्स कर्मी शिव प्रसाद कुशवाहा कंपनी का कार्मिक नहीं है, इसलिए किसी प्रकार की सहायता राशि नहीं दी जाएगी। वहीं शिव प्रसाद कुशवाहा का कहना है कि ठेका कंपनी उर्मिला के सुपरवाईजर ने कहा था कि पहले इलाज करा लो फिर बिल जमा करने पर सारा खर्च दे देंगे, इसलिए उसने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर इलाज कराया, अब ठेका कंपनी पैसा देने को तैयार नहीं है। उसके इलाज में 5.80 लाख खर्च हो चुका है। वहीं ईएसआईसी की जानकारी भी कोई नहीं दे रहा है।
संघ के मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, लाखन सिंह राजपूत, किशोर, इंद्रपाल सिंह, गणेश, संदीप, दीपंकर, विनोद दास, हीरेंद्र रोहिताश, अमीन अंसारी, मुकेश पटेल, राकेश नामदेव, जगदीश मेहरा आदि ने ठेका कंपनी उर्मिला से मांग की है कि आउटसोर्स कर्मी को बाकी की राशि तत्काल दें एवं इसमें विद्युत कंपनी के अधिकारी भी सहयोग करें।










