Friday, April 24, 2026
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अमृत योजना में काम कर रहे दो युवक यूपी से गिरफ्तार

जबलपुर। एमपी के जबलपुर में अमृत योजना में काम कर रहे दो युवक मौका पाकर बुलेरो सहित लाखों रुपए का माल लेकर भाग निकले। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि चोरी की गई गाड़ी का ई-चालान कटा है। जिसपर पुलिस ई-चालान के जरिए पीछा करते हुए यूपी पहुंच गई और यहां की पुलिस की मदद से घेराबंदी कर चोरों को लाखों रुपए के माल सहित गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्त में आए आरोपी हरियाणा व टीकमगढ़ के रहने वाले हैं। जो जबलपुर में अमृत योजना के तहत चल रही पाइप लाइन में काम करने के लिए करीब 18 दिन पहले आए हुए थे।

पुलिस के अनुसार गोकलपुर से रांझी तक अमृत योजना का काम चल रहा है। यहां एक प्राइवेट कंपनी में 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं। हर किसी काम अलग-अलग बंटा हुआ था। काम के दौरान सरफराज खान व मयंक कुमार को कंपनी के मैनेजर ने काम पर रख लिया। लेकिन दोनों के विषय में यह पता नहीं किया कि वह कहां रहते हैं। 18 दिन से दोनों चोर साइड पर बेल्डिंग करने का काम कर रहे थे।

6 दिसंबर को शाम होने के बाद भी जब सरफराज और मयंक बोलेरो लेकर आफिस नहीं आए तो साथी कर्मचारियों ने दोनों को रांझी में तलाश किया। सुपरवाइजर अभिनव को बताया कि सरफराज और मयंक गायब गाड़ी सहित गायब हैं। गाड़ी में अलावा आक्सीजन सिलेंडर,वेल्डिंग मशीन,तार सहित लाखों रुपए का माल रखा था। कंपनी के कर्मचारियों ने गोकलपुर से लेकर रांझी तक दोनों को काफी देर तक तलाश कियाए लेकिन नहीं मिले तो रांझी थाने में सरफराज और मयंक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि कंपनी की बोलेरो जीप के साथ मशीन भी ले गए हैं।

पुलिस ने दोनों का मोबाइल नंबर लेकर कॉल किया तो वह बंद था। आरोपियों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही थी, इसी बीच रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे गाड़ी मालिक के मोबाइल पर चालान कटने का मैसेज आया। उन्होंने देखा कि उनकी जो गाड़ी चोरी हुई है, उसका यूपी पुलिस ने 6 दिसंबर की रात को टीकमगढ़-ललितपुर रोड पर स्पीड तेज होने के कारण ऑनलाइन साढ़े 12 हजार रुपए का चालान काटा था। जमा ना करने पर मालिक को ई-चालान के जरिए मैसेज भेजा गया।

रांझी थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी को जैसे ही सूचना मिली कि चोरी गई गाड़ी का यूपी पुलिस ने चालान काटा है। जिसका मैसेज भी मालिक के पास पहुंचा तो यह समझ में आ गया कि आरोपी टीकमगढ़ के रास्ते ललितपुर तरफ भाग रहे है। तो उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और फिर ललितपुर पुलिस से संपर्क किया। लगातार पांच घंटे तक गाड़ी चलाते हुए सुबह करीब सुबह पांच बजे ललितपुर पहुंचे। जहां दो राज्यों की पुलिस ने घेराबंदी कर ना सिर्फ दोनों चोरों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों का नहीं पता मालूम था, ना ही उनका कोई रिकार्ड था। ऐसे में दोनों चोरों को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए चुनौती था। दोनों के मोबाइल लोकेशन के आधार पर सर्चिंग की जा रही थीए पर अधिकतर समय दोनों अपना मोबाइल बंद रखते थे। सरफराज खान और मयंक को कोर्ट में पेश करने के बाद रिमांड ली जाएगी। आशंका है कि पूछताछ के दौरान इनसे और भी कई अपराधों का खुलासा हो सकता है।

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