बालाघाट। एमपी के बालाघाट में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। यहां पर समर्पित नक्सलियों की निशानदेही पर सीआरपीएफ की 123 बटालियन ने आज रूपझर क्षेत्र के दुगलई आमानाला से एक नक्सली विस्फोटक डंप बरामद किया है। नक्सलियों ने इसे एक प्लास्टिक केन में छिपाकर रखा था।
भारत सरकार ने 31 मार्च 2026 तक बालाघाट जिले को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन बालाघाट व सुरक्षाबलों ने दिसंबर 2025 में ही जिले को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया था। इसके बाद से प्रदेश में नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो गया है। अब बालाघाट पुलिस और सुरक्षाबल समर्पित नक्सलियों से छिपे हुए डंप की जानकारी ले रहे हैं।

इस जानकारी के आधार पर जंगल क्षेत्रों में छिपाकर रखे गए नक्सली डंप बरामद किए जा रहे हैं। जिनका इस्तेमाल सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था। आईजी संजय कुमार के नेतृत्व में सुरक्षाबलों ने आत्मसमर्पित नक्सलियों और उनके सहयोगियों से पहले भी हथियारों, बड़ी मात्रा में नकदी और दैनिक उपभोग की सामग्री सहित कई डंप बरामद किए हैं। रूपझर थाना क्षेत्र के आमानाला से बरामद इस डंप में हाई एक्सप्लोसिव सहित अन्य सामग्री मिली है, जिसे सीआरपीएफ 123 के जवानों ने जब्त कर लिया है।











