जबलपुर। एमपी के जबलपुर पहुंची मॉडल हर्षा रिछारिया ने कहा कि सनातन धर्म को कोई तब तक नहीं अपना सकता, जब तक सनातन उस व्यक्ति को न अपनाए। मैंने धर्म नहीं, धर्म ने मुझे अपनाया है। सनातन धर्म का प्रचार जो एक साल से कर रही थी, उसे अब मैं यहीं विराम दे रही हूं।
महाकुंभ के दौरान वायरल हुईं मॉडल हर्षा रिछारिया मकर संक्रांति के मौके पर नर्मदा स्नान के लिए आई थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिन धर्मगुरुओं की एक झलक पाना हम सौभाग्य समझते हैं।
उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं, वही अगर एक लड़की के विरोध में खड़े हो जाएं तो मैं अकेली कितना लड़ूंगी। जब हम धर्म के विषय में बात करते हैं तो गैर-धर्म से पहले हमें अपने ही धर्म के लोगों से लडऩा पड़ता है। हर्षा ने कहा कि हमारे धर्मगुरु ही हम पर शक करते हैं, जिसका फिर जवाब भी देना पड़ता है।
हमारे धर्म में ही एकता नहीं है। घमंड हर किसी को है। यह देखा जाता है कि अगर कोई लड़की धर्म की राह पर आगे बढ़ रही है तो उसे कैसे रोका जाए, कैसे नीचे गिराया जाए। अपने विरोधियों को नाम लिए बिना ही हर्षा रिछारिया ने कहा कि मेरे विरोध में अगर दस लोग खड़े हैं तो उनके सामने मैं अकेली खड़ी हुई हूं।
एक साल में मैंने बहुत सारी परीक्षाएं दीं, सबको मनाने की कोशिश की। लेकिन अब सबको यहीं विराम देने के बाद मैं अपने पुराने काम को पूरा करूंगी। हर्षा ने कहा कि जो काम एक्टिंग व मॉडलिंग का था उसमें कहीं से भी विरोध नहीं था। शांति से जी सकती थी।
मुझे लगता था कि धर्म के रास्ते में शांति है, पर अब लगता है कि पुराने काम में ही शांति थी। हर्षा रिछारिया ने साध्वी बनने पर एतराज जताने वालों को चुनौती देते हुए कहा.
जिन लोगों को मुझ पर शक हैए वे मेरा बैंक अकाउंट देख लें। करोड़ों के सिंहासन पर बैठकर कुछ लोग मेरा विरोध कर रहे हैं। अगर स्त्री और नारी के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो यह कौन सा धर्म है, हम किस धर्म को मानते हैं।











