Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : Dr. Mohan Yadav के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों के जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव लाने की दिशा में कई निर्णायक कदम उठाए हैं, जो सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : सरकार ने विशेष रूप से ग्रामीण और वन क्षेत्रों में कार्यरत इन महिलाओं की भूमिका को पहचानते हुए उनके हित में ऐसी नीतियां लागू की हैं, जिनसे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : प्रदेश सरकार नारी शक्ति के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी संकल्प को साकार करते हुए तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं के कल्याण हेतु लिए गए निर्णय ‘नारी शक्ति वंदन’ की भावना को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हैं। इन प्रयासों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और समाज में उनकी भागीदारी को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल देखने को मिल रही है।

Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,000 प्रति मानक बोरा कर दिया है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप प्रदेश में लगभग 708.8 करोड़ रुपये पारिश्रमिकका भुगतान किया गया है। इससे महिलाओं को लगभग 344.5 करोड़ रुपये का सीधा लाभ हुआ है। यह वृद्धि केवल आय बढ़ाने का उपाय नहीं, बल्कि ग्रामीण और वनवासी महिलाओं को सम्मानजनक आर्थिक पहचान देने का प्रयास है। संग्राहकों को कुल 132.42 करोड़ रुपये का बोनस वितरित किया गया है। इसमें महिला संग्राहकों का हिस्सा लगभग 64.36 करोड़ रुपये है।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : तेंदूपत्ता संग्रहण जैसे पारंपरिक कार्य को आधुनिकता से जोड़कर सरकार ने यह सिद्ध किया है कि नारी शक्ति संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से समाज के हर स्तर पर परिवर्तन ला सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह पहल न केवल महिलाओं की आय बढ़ा रही है, बल्कि उनके आत्मविश्वास, सम्मान और सामाजितेंदूपत्ता संग्रहण क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली है, जो न केवल वन आधारित आजीविका को मजबूती देती है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी अहम योगदान निभाती है।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : प्रदेश में कुल 40.8 लाख संग्राहकों में से लगभग 19.8 लाख महिलाएं हैं, जो इस कार्यबल का करीब 48.6% हिस्सा बनाती हैं। यह आंकड़ा इस बात को स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि तेंदूपत्ता संग्रहण केवल एक पारंपरिक रोजगार नहीं, बल्कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक सशक्त माध्यम भी है।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : इस क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी से न सिर्फ उनके परिवारों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त बनने का अवसर मिलता है। ऐसे में यह गतिविधि महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण समाज में उनकी भूमिका को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।क स्थिति को भी नई ऊंचाई दे रही है।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : मध्यप्रदेश में ‘नारी शक्ति वंदन’ अब एक जीवंत और प्रभावशाली अभियान के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी भर नहीं हैं, बल्कि विकास प्रक्रिया की सक्रिय सहभागी बनकर उभर रही हैं।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : विशेष रूप से तेंदूपत्ता संग्राहक महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ने बहुआयामी और दूरदर्शी योजनाएं लागू की हैं, जो उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन में ठोस बदलाव ला रही हैं।
Dr. Mohan Yadav का बड़ा बयान : इन पहलों में ‘चरण पादुका’ योजना के माध्यम से कार्य के दौरान सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा रही है, वहीं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए उन्हें आर्थिक संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही वन समितियों के माध्यम से सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे महिलाएं निर्णय प्रक्रिया में भी भागीदारी निभा सकें।
ग्राम विकास और वन संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से 35.31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इन समग्र प्रयासों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और समाज के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।











