Friday, April 24, 2026
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सुनेत्रा पवार बनीं एनसीपी विधायक दल की नेता, आज शाम उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

शनिवार को आयोजित बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायकों ने सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया। इसके साथ ही वे महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की उम्मीदवार होंगी और आज शाम राज्यपाल द्वारा 5 बजे शपथ ग्रहण करेंगी।


छगन भुजबल ने रखा प्रस्ताव, सर्वसम्मति से हुआ चयन

सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ एनसीपी नेता छगन भुजबल ने रखा, जिसे पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला। किसी भी विरोध के बिना उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया।
इस फैसले के साथ ही महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने की उनकी राह और मजबूत हो गई है।


अजित पवार को दी गई श्रद्धांजलि

एनसीपी विधायक दल की बैठक से पहले पार्टी नेताओं ने शनिवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

नेताओं ने राज्य के विकास में उनके योगदान और उनके नेतृत्व को याद किया। 66 वर्षीय अजित पवार का 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था, जिसके बाद उपमुख्यमंत्री का पद रिक्त हो गया था।


शरद पवार के बयान पर एनसीपी नेताओं की प्रतिक्रिया

एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी नेताओं ने कहा, “मुझे नहीं पता किसने क्या कहा।” इससे पहले दिन में शरद पवार ने कहा था कि उन्हें सुनेत्रा पवार का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किए जाने की कोई जानकारी नहीं है।

उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनकी पार्टी ने फैसला किया होगा। मैंने आज अखबार में जो पढ़ा, उसके अनुसार प्रफुल्ल पटेल और सुनील ताटकरे जैसे कुछ नेताओं ने इस संबंध में पहल की है।”


सुनील ताटकरे ने टिप्पणी से किया इनकार

एनसीपी महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील ताटकरे ने शरद पवार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि “अजित पवार के निधन के बाद खाली हुए उपमुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा लिया जाएगा।”


राजनीतिक महत्व

सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद के लिए चुना जाना न केवल एनसीपी के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में महिला नेतृत्व के लिहाज से भी एक अहम कदम माना जा रहा है। महायुति सरकार में यह नियुक्ति सत्ता संतुलन और भविष्य की राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित कर सकती है।

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