नई दिल्ली. केंद्रीय बजट 2026-27 के 발표 के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने शुरुआत में लाल निशान में कारोबार किया, लेकिन जल्दी ही हरे निशान में लौट आया। सुबह सेंसेक्स 167.26 अंकों की गिरावट के साथ 80,555.68 पर खुला, जबकि निफ्टी 50 में 28.95 अंकों की गिरावट के साथ 24,796.50 पर कारोबार शुरू हुआ।
सेंसेक्स सुबह 9:35 बजे 323 अंकों की बढ़त के साथ 81,050 पर ट्रेड कर रहा था, वहीं निफ्टी 50 भी 38 अंकों की तेजी के साथ 24,850 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, एक घंटे बाद 10:35 बजे तक सेंसेक्स की बढ़त घटकर 139 अंक और निफ्टी की 40 अंकों तक रह गई।
रविवार को बाजार में भारी गिरावट
रविवार को सेंसेक्स 1,546.84 अंक टूटकर 80,722.94 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 में 495.20 अंकों की गिरावट दर्ज की गई थी और यह 24,825.45 पर बंद हुआ।
शुरुआती कारोबार में मेटल, ऑटो और बैंक शेयरों में खरीदारी
शुरुआती ट्रेडिंग में मेटल, ऑटो, रियल्टी, पीएसयू और प्राइवेट बैंक सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में सोमवार सुबह मिश्रित रुख रहा:
- चीन CSI 300: 0.01% की बढ़त
- जापान निक्केई: 0.75% ऊपर
- हॉन्गकॉन्ग हैंग सेंग: 1.34% गिरावट
- दक्षिण कोरिया कोस्पी: 2.63% की गिरावट
विश्लेषकों का नजरिया: बजट के बाद बाजार अस्थिर
मनीकंट्रोल के अनुसार, बजट के बाद ट्रेडर पुरानी पोज़िशन को दोबारा आंक रहे हैं, जिससे बाजार फिलहाल किसी एक दिशा में स्थिर नहीं हो पा रहा। तकनीकी रूप से निफ्टी 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक 24,650–24,700 का दायरा निकट अवधि का महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी ने 24,580 के डाउनसाइड लक्ष्य को छूने के बाद पुलबैक रैली दिखाई है। इसका मतलब है कि रिकवरी की उम्मीदें बनी हुई हैं, लेकिन जोखिम अभी टला नहीं है।
F&O पर बढ़ा STT, निवेशकों में चिंताएँ
बाजार की सबसे बड़ी चिंता डेरिवेटिव्स (F&O) ट्रेड्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में की गई तेज बढ़ोतरी को लेकर है। निवेशक डर रहे हैं कि इस कदम से ट्रेडिंग वॉल्यूम और लिक्विडिटी पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों का नजरिया: लंबी अवधि में बजट सकारात्मक
विशेषज्ञ इसे लंबी अवधि के लिए एक बेहतरीन बजट मान रहे हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, कल की गिरावट केवल तात्कालिक प्रतिक्रिया थी। उन्होंने कहा कि बजट में अनुमानित 10% नॉमिनल GDP ग्रोथ संभव है, जिससे वित्त वर्ष 2027 में कॉरपोरेट अर्निंग 15% तक बढ़ सकती है।
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली के कारण बाजार की धारणा स्थिर होने में कुछ और समय ले सकती है।











