11 फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट विधानसभा में पेश किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह सरकार का 10वां बजट है। इसे प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है।
वर्ष 2025–26 का बजट 8,08,736.06 करोड़ रुपये था, जो 2024–25 की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक था। वहीं, वर्ष 2026–27 के लिए बजट का आकार बढ़ाकर 9,12,696.35 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार का दावा है कि इस बजट में सभी वर्गों—किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों—का विशेष ध्यान रखा गया है।
कृषि क्षेत्र में प्रदेश की अग्रणी भूमिका
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक योगदान है।
सरकार के कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। यह राशि पिछले 22 वर्षों के कुल 2,13,519 करोड़ रुपये के भुगतान से 90,802 करोड़ रुपये अधिक है।
पेराई सत्र 2025–26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की गई है। इससे गन्ना किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।
फसल खरीद और भुगतान का ब्यौरा
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रबी विपणन वर्ष 2025–26 में 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर 2,512 करोड़ रुपये का भुगतान।
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खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में 42.96 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर 9,710 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान।
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54,253 किसानों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीद कर 595 करोड़ रुपये का भुगतान।
किसान एग्री हब और मुफ्त बिजली
लखनऊ के गोमतीनगर में किसान एग्री हब का निर्माण कार्य जारी है, जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना है।
1 अप्रैल 2023 से नलकूपों के माध्यम से सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इससे 15 लाख 1 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं।
ऋण, बीमा और सम्मान निधि
वर्ष 2025–26 में 600 करोड़ रुपये के दीर्घकालिक ऋण लक्ष्य के मुकाबले 30 नवंबर 2025 तक 205 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर 6,870 किसानों को लाभ पहुंचाया गया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2017–18 से 2024–25 तक लगभग 62 लाख किसानों को 5,110 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई। वहीं, वर्ष 2025–26 में खरीफ सीजन के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक 2.69 लाख बीमित किसानों को 215 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में दिसंबर 2025 तक 3.12 करोड़ किसानों के खातों में लगभग 94,668 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए गए।
कुल मिलाकर, यूपी बजट 2026–27 में कृषि और किसान कल्याण को प्राथमिकता देते हुए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।











