जबलपुर। एमपी के जबलपुर में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद फरार हुए दो भाई को पुलिस ने 13 साल बाद कानपुर यूपी से गिरफ्तार किया है। हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद से हनुमानताल पुलिस की टीम सरगर्मी से तलाश में जुटी हुई थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हनुमानताल के बाबाटोला क्षेत्र में रहने वाले राजेंद्र व नरबद मराठा ने 1997 में राजेंद्र केवट और नाबालिग भतीजे के साथ मिलकर श्रीनाथ कोरी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। दोनों भाई इसके पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराध कर चुके थे, लिहाजा जिला कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया। हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई तो 2011 में सशर्त जमानत मिल गई।
एक साल बाद 2013 में दोनों भाई परिवार के साथ आचानक गायब हो गए। हाईकोर्ट ने जमानत पर छूटे हत्या के आरोपियों को लेकर संज्ञान लेते हुए फरार हत्यारों के खिलाफ वारंट जारी किया। जबलपुर एसपी ने भी दोनों आरोपियों पर 4-4 हजार रुपए का इनाम घोषित करते हुए हनुमानताल थाना पुलिस को गिरफ्तार करने निर्देश दिए थे। पुलिस की टीमें दोनों भाईयों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
इस दौरान खबर मिली कि राजेन्द्र व नरबद मराठा कानपुर में किराए का मकान लेकर रह रहे है। नरबद फैक्ट्री में चौकीदारी करता था तो राजेंद्र सब्जी मंडी में मजदूरी करता था। खास बात यह है कि एक ही स्थान पर यह लोग सिर्फ पांच से छह माह रहते और मकान बदल लिया करते। नरबद अधिकतर 24 घंटे ड्यूटी करता था। एक ही शहर में रहने के कारण दोनों को कभी-कभी फोन पर बात हुआ करती थी पर इनका मिलना नहीं होता था।
2025 नवंबर में एक बार फिर हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया और स्थाई वारंट जारी किया। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर हनुमानताल थाना पुलिस ने बाबा टोला में दोनों की तलाश की पर नहीं मिले। पुलिस ने आरोपियों का भाई धर्मेंद्र मराठा जो कि कटनी में रहता है, उससे पूछताछ कीए लेकिन कुछ खास सफलता नहीं मिली। नरबद और राजेंद्र की एक बहन जबलपुर के घमापुर क्षेत्र में रहती है।
पुलिस की एक टीम उसके घर भी पहुंची। तब उसने जानकारी दी कि बहुत समय पहले नरबद और राजेंद्र के बेटों से थोड़ी देर की बात हुई थी, बता रहे थे कि उत्तरप्रदेश के कानपुर में रह रहे हैं। पिता यहीं पर काम करते हैं। थाना प्रभारी हनुमानताल के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम साढ़े चार सौ किलोमीटर दूर कानपुर पहुंची। साइबर टीम की मदद से पुलिस ने नरबद और राजेंद्र के परिवार वालों की लोकेशन निकाली और नरबद को एक फैक्ट्री में चौकीदारी करने के दौरान हिरासत में लियाए जबकि दूसरा आरोपी राजेंद्र ठेके में बैठकर शराब पी रहा था।











