मध्य प्रदेश के इंदौर से प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल हाल ही में इंदौर दौरे पर पहुंचे थे। वे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए थे और उनके ठहरने की व्यवस्था रेसीडेंसी कोठी के कमरा नंबर 1 और 2 में की गई थी।
मंगलवार सुबह राज्यपाल के एडीसी नरेंद्र रावत और अन्य अधिकारियों ने किचन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रसोई की हालत देखकर सभी हैरान रह गए। किचन में गंदगी फैली हुई थी, कॉकरोच और कीड़े घूमते नजर आए। कई बर्तन गंदे पड़े थे और कुछ खाद्य सामग्री सड़ी हुई पाई गई।
जब यह जानकारी राज्यपाल को दी गई तो उन्होंने वहां का भोजन ग्रहण करने से साफ इनकार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा को तलब किया गया है।
सुरक्षा और हाउसकीपिंग पर भी सवाल
घटना यहीं तक सीमित नहीं रही। राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को दाग-धब्बों वाली बेडशीट दी गई थी। जब साफ चादरों की मांग की गई तो कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
किचन की बदहाल स्थिति पर अधिकारियों ने किचन इंचार्ज राकेश सिंह और अमित शर्मा को फटकार लगाई। जानकारी के अनुसार, हाउसकीपिंग की जिम्मेदारी रतन एंपोरियम सिक्योरिटी कंपनी के पास है। कंपनी के संचालक का कहना है कि जुलाई 2023 से उनका भुगतान लंबित है और हाल ही में उन्हें मात्र 4 रुपये का भुगतान किया गया है। इस पूरी घटना ने रेसीडेंसी कोठी की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











