जबलपुर । शासकीय मोहनलाल हरगोविंददास गृहविज्ञान एवं विज्ञान महिला (स्वशासी) महाविद्यालय, जबलपुर में आयोजित वार्षिक स्नेह सम्मेलन के अवसर पर दो महत्वपूर्ण शोधपरक पुस्तकों नर्मदा-तत्त्वम् : वेद, पुराण और अष्टक में निहित विज्ञान तथा फौना ऑफ जबलपुर का गरिमामय विमोचन सम्पन्न हुआ ।
यह अवसर महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धियों का ऐतिहासिक क्षण बन गया । विमोचन में माननीय इंदर सिंह परमार, कैबिनेट मंत्री, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग, मध्यप्रदेश शासन, डॉ. अभिलाष पांडे विधायक, जबलपुर उत्तर-मध्य, श्री अजय विश्नोई विधायक, पाटन एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही ।
अतिथियों ने पुस्तकों के विमोचन को जबलपुर की बौद्धिक परंपरा और शोध चेतना का प्रतीक बताया । प्राचार्य डॉ. समीर कुमार शुक्ल, डॉ. अर्जुन शुक्ल द्वारा रचित पुस्तक नर्मदा-तत्त्वम् में नर्मदा नदी की आध्यात्मिक महिमा को वेद, पुराण और नर्मदाष्टक के संदर्भों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है, जिससे भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक पर्यावरण विज्ञान के मध्य एक सशक्त सेतु निर्मित होता है ।
वहीं डॉ. अर्जुन एवं डॉ. श्रद्धा खापरे की फौना ऑफ जबलपुर पुस्तक में क्षेत्रीय जैवविविधता, तितलियों, जलीय जीवों एवं अन्य बायोइंडिकेटर प्रजातियों के माध्यम से प्रकृति के संकेतों को वैज्ञानिक रूप में अभिव्यक्त किया गया है । ये दोनों पुस्तकें महाविद्यालय की अकादमिक ऊर्जा और अनुसंधान प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं ।
अतिथियों ने कहा कि ऐसे प्रकाशन नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप भारतीय ज्ञान प्रणाली को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे ।
प्राणीशास्त्र विभाग के डॉ. अर्जुन 21 विश्व रिकॉर्ड धारक एवं 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोधपत्रों के लेखक हैं, जो नर्मदा नदी की जैवविविधता, बायोइंडिकेटर एवं पर्यावरणीय अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं ।
वहीं डॉ. श्रद्धा खापरे तितली विविधता की विशेषज्ञ युवा शोधकर्ता हैं, जिन्होंने भारत एवं मध्यप्रदेश के लिए नई प्रजातीय अभिलेख स्थापित करते हुए जैवविविधता संरक्षण और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है ।











