नई दिल्ली। सुपर 8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद भारतीय टीम पर सवालों की बौछार हो रही है। फैंस खास तौर पर ओपनिंग जोड़ी के प्रदर्शन से नाराज़ हैं। कमजोर शुरुआत के कारण मिडिल ऑर्डर पर लगातार दबाव बन रहा है, जिसे अब टीम मैनेजमेंट के लिए नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है।
टीम के सहायक कोच Ryan ten Doeschate ने भी प्लेइंग इलेवन में बदलाव के संकेत दिए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि संजू सैमसन की टीम में वापसी हो सकती है।
तिलक की जगह मिल सकता है मौका
मौजूदा टूर्नामेंट में शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से मिडिल ऑर्डर को हर बार पारी संभालनी पड़ रही है। इस दबाव के बीच Tilak Varma की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। चर्चा है कि उनकी जगह संजू सैमसन को तीसरे नंबर पर उतारा जा सकता है।
टेन डोएशेट ने साफ कहा कि टीम मैनेजमेंट दो अहम सुपर 8 मुकाबलों से पहले सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है। उनके मुताबिक सवाल यह है कि क्या उन्हीं खिलाड़ियों पर भरोसा जारी रखा जाए जिन्होंने पिछले 18 महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है, या फिर बदलाव कर संजू जैसे अनुभवी खिलाड़ी को मौका दिया जाए।
टॉप ऑर्डर में एक राइट-हैंडर बल्लेबाज विपक्षी टीमों की ऑफ स्पिन रणनीति का जवाब बन सकता है, जो भारत के खिलाफ लगातार कारगर साबित हो रही है।
ओपनर के रूप में दमदार रिकॉर्ड
संजू सैमसन का ओपनिंग रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। 2024 के अंत में उन्होंने पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों में तीन शतक जड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। वह एक कैलेंडर ईयर में तीन टी20 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे।
आईपीएल में Rajasthan Royals के लिए खेलने वाले इस बल्लेबाज को आगामी सीजन में Chennai Super Kings के साथ देखा जा सकता है, जहां कप्तानी की विरासत Mahendra Singh Dhoni से जुड़ी रही है।
किन वजहों से हुए थे बाहर?
न्यूजीलैंड सीरीज में फ्लॉप शो पड़ा भारी टी20 वर्ल्ड कप से पहले संजू को ओपनिंग में मौका मिला था, लेकिन New Zealand national cricket team के खिलाफ सीरीज में वह लगातार रन बनाने में नाकाम रहे। पांच मैचों में उनके स्कोर 6, 24 और 6 रन रहे।
इस खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर Ishan Kishan को ओपनिंग में मौका दिया गया। वहीं Abhishek Sharma के बीमार पड़ने पर नामीबिया के खिलाफ मिले अवसर में भी संजू सिर्फ 22 रन ही बना सके।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम मैनेजमेंट सुपर 8 के अहम मुकाबलों में अनुभव को तरजीह देता है या फिर मौजूदा संयोजन पर ही भरोसा कायम रखता है।











